सोमवार, 28 अप्रैल, 2008 को 14:59 GMT तक के समाचार
ज्योत्सना सिंह
बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
ग़ाज़ियाबाद पुलिस का कहना है कि दो युवकों ने 'भूत उतारने' की कोशिश में अपनी माँ की जान ले ली.
55 वर्षीय महिला शीश ने शनिवार को उस वक़्त दम तोड़ दिया जब उनके बेटों उस पर आए 'भूत' को भगाने की कोशिश में उनकी जान ले ली.
हैरानी इस बात की है कि 'भूत' भगाने की यह घटना किसी छोटे से गाँव की नहीं है बल्कि राजधानी दिल्ली से सटे एक समृद्ध इलाक़े की है.
घटना के लिए जिम्मेदार लोग भी कोई अनपढ़ नहीं बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवान हैं.
महिला का पेट इतनी जोर से दबाया गया कि उसकी जान निकल गई.
पड़ोसियों ने जाकर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है. मामले की जाँच अभी चल रही है.
हालाँकि इस तरह भूत-प्रेत भगाने के प्रयास में महिलाओं की हत्या की कई घटनाएँ समने आती रही है.
लेकिन इन्हें अक्सर सुदूर गाँवों, अशिक्षा और अज्ञानता से जोड़ कर देखा जाता रहा है. इस महिला के तीनों पुत्रों में से एक इंजीनियर, एक एमबीए और तीसरा बारहवीं कक्षा का छात्र है.
पुलिस को मिली रिपोर्ट के मुताबिक महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं थी.
ग़ाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक रतन ने बीबीसी को बताया कि मृत महिला के बेटों और भतीजे के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
मानसिक रोग
उन्होंने कहा, "हमने इन चारों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है और अदालत में पेश कर इनकी हिरासत बढ़ाने की अनुमति लेंगे."
पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य और नज़दीकी रिश्तेदार महिला के घर पर इकट्ठा थे.
पुलिस को मिली रिपोर्ट के अनुसार महिला ने कुछ अजीबोग़रीब हरकतें करनी शुरु कर दीं. जिस पर लड़कों ने कहा कि उनकी माँ पर 'भूत' आ गया है और वे उस 'आत्मा' को निकालने के प्रयास में थे.
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाक़ों में भी ज़्यादातर मानसिक बीमारियों को भूत-प्रेत से जोड़ कर देखा जाता है और लोग अक्सर झाड़-फूँक पर ही भरोसा करते हैं बजाय मेडिकल इलाज करवाने के.