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सोमवार, 28 अप्रैल, 2008 को 10:22 GMT तक के समाचार

महमूद अहमदीनेजाद पाकिस्तान दौरे पर

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद अपने दक्षिण एशिया दौरे के तहत पाकिस्तान में हैं. वे भारत भी आएँगे.

इस्लामाबाद पहुँचने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने महमूद अहमदीनेजाद का स्वागत किया.

इसके बाद वे तुरंत पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात के लिए निकल पड़े. महमूद अहमदीनेजाद ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी से भी मुलाक़ात की.

माना जा रहा है कि इस दौरान अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान चरमपंथियों की गतिविधियों के मुद्दे पर बात हुई.

इसके अलावा ईरान-भारत- पाकिस्तान तेल पाइपलाइन का मुद्दा भी एजेंडे पर बताया जा रहा है.

अमरीका इस तेल पाइपलाइन का विरोध करता आया है. उसका मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में जुटा है और भारत-पाकिस्तान के साथ तेल परियोजना से ईरान को अलग-थलग करने का अभियान कमज़ोर पड़ता है.

श्रीलंका दौरा

ईरानी राष्ट्रपति के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें ईरान के विदेश मंत्री और वाणिज्य मंत्री मीर क़ाज़िमा शामिल हैं.

सोमवार को देर रात महमूद अहमदीनेजाद श्रीलंका जाएँगे और वहाँ से भारत पहुँचेंगे.

श्रीलंका का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति के दौरे से दोनों देशों के संबंध और मज़बूत होंगे. ईरान श्रीलंका को 1.9 अरब डॉलर का सॉफ़्ट लोन और विकास परियोजनाओं के लिए मदद देने की बात पहले ही कह चुका है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है श्रीलंका अब पश्चिमी देशों के बजाय ऐसे एशियाई देशों का रुख़ करने लगा है जो मदद के लिए इसे पैसा दे सकें.

संवाददाता के मुताबिक ये देश श्रीलंका के मानवाधिकार रिकॉर्ड की कम आलोचना करते हैं. श्रीलंका में हर ओर झंडे और बिलबोर्ड लगे हुए हैं जिस पर लिखा हुआ है ‘पारंपरिक एशियाई एकता’.

श्रीलंका के विदेश सचिव पलिथा कोहाना ने बीबीसी को बताया, "एशियाई सार्वजनिक मंचों से एक दूसरे को भाषण नहीं देते. वे मदद करने के लिए तैयार रहते हैं."

मानवाधिकार मामलों को लेकर श्रीलंका पर पिछले कुछ समय से दबाव बढ़ रहा है.

मार्च में अमरीका की एक रिपोर्ट में कहा गया था सरकारी सुरक्षाबल और दूसरे मिलिशिया ग़ैर कानूनी तरीके से लोगों को मार रहे हैं, प्रताड़ित कर रहे हैं और बंधक बना रहे हैं.

श्रीलंका यात्रा के दौरान महमूद अहमदीनेजाद कई विकास परियोजनाओं का दौरा करेंगे.