बुधवार, 23 अप्रैल, 2008 को 06:27 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान के बीच तुर्कमेनिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान-भारत के बीच गैस पाइप लाइन पर बुधवार को बातचीत हो रही हैं.
इस बातचीत के लिए भारतीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा पाकिस्तान पहुँच गए हैं और वो ईरान-पाकिस्तान-भारत पाइपलाइन परियोजना पर भी बातचीत करेंगे.
इसके पहले 16 और 17 अप्रैल को दोनों देशों के अधिकारियों ने इस परियोजना पर बातचीत की थी.
ग़ौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम पदार्थों का एशिया में तीसरा बड़ा उपभोक्ता है और वह ईरान से गैस ख़रीदने की परियोजना पर पिछले एक दशक से बातचीत कर रहा है.
गैस को पाकिस्तान के रास्ते भारत लाना है और इसके लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली रक़म पर सहमति नहीं बन पाने के कारण परियोजना पर काम रुका हुआ है.
प्राकृतिक गैसों के भंडार के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे संपन्न देश ईरान ने वर्ष 1995 में ही भारत को गैस बेचने पर सहमति जताई थी.
भारत की ज़रूरत
तीनों देशों के संयुक्त कार्यदल की अब तक कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है.
ईरान की योजना है कि 2011 तक पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाए.
पाइपलाइन पर 1995 में बनी सहमति के बाद से गैस की क़ीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं और इसकी क़ीमत पर पेंच फंसा हुआ है.
भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि बिजली पैदा करने के लिए जितनी गैस की ज़रूरत है, देश में उसका आधा उत्पादन ही हो सकता है.
इस तरह की ख़बरें आती रही हैं कि अमरीकी दबाव के कारण ईरान के साथ गैस परियोजना में देरी हो रही है. हालांकि भारत इससे इनकार करता आया है.
हाल में ऐसे ख़बरें आईं थीं कि इस परियोजना से भारत के बाहर निकलने पर ईरान उसकी जगह पर चीन को शामिल कर सकता है.
माना जा रहा है कि इसके बाद भारत ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.