मंगलवार, 22 अप्रैल, 2008 को 07:52 GMT तक के समाचार
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी नेता गोपीनाथ मुंडे अपनी शिकवे शिकायतों के सिलसिले में दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात कर रहे हैं.
इसके पहले मुंडे ने केंद्रीय नेतृत्व से मुलाक़ात करने से इनकार कर दिया था.
ग़ौरतलब है कि इसके पहले गोपीनाथ मुंडे ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.
हालांकि दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा,'' मैं 20 साल से पार्टी का कार्यकर्ता हूँ और मेरा कहीं जाने का इरादा नहीं है, मैं भाजपा में ही रहूँगा.''
मुंडे के इस्तीफ़े का तात्कालिक कारण मुंबई भाजपा अध्यक्ष के तौर पर मधु चौहान की नियुक्ति मानी जा रही है.
मधु चौहान भाजपा नेता गडकरी के नज़दीक माने जाते हैं और उनकी मुंडे से प्रतिस्पर्धा पुरानी है.
हालांकि बातचीत में उन्होंने कहा था कि पार्टी नेता नितिन गडकरी से उनका कोई विरोध नहीं है.
कार्यशैली पर सवाल
प्रेक्षक का कहना है कि पिछले कई महीनों से मुंडे केंद्रीय नेतृत्व से नाराज़ चल रहे हैं.
मुंडे ने इस्तीफ़े के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि वो पार्टी की कार्यशैली से नाराज़ हैं क्योंकि पार्टी के कई फ़ैसलों में उनसे कोई राय नहीं ली जा रही है.
मंगलवार को उनके समर्थन में महाराष्ट्र में कई छोटे नेताओं ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
साथ ही पार्टी के कई विधायकों ने मुंडे से मुलाक़ात की थी और उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था.
महाराष्ट्र में मुंडे भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं इसलिए उनके इस्तीफ़े को पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार स्वीकार नहीं किया गया है. इस पर अब भी बातचीत चल रही है.