शनिवार, 19 अप्रैल, 2008 को 11:07 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन एक टेलीवीज़न के वीडियो पर नज़र आए हैं. वीडियो में उन्होंने कहा है कि तालेबान के चरमपंथियों ने उन्हें बंदी बनाया हुआ है.
वे फ़रवरी में लापता हो गए थे.
अल-अरबीया टीवी चैनल पर दिखाए गए फ़ुटेज में तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन के आस-पास हथियारबंद लोग खड़े हुए थे.
वीडियो में राजदूत ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वो अपहरणकर्ताओं की माँगे मान लें.
लापता होने के बाद पाकिस्तानी राजदूत पहली बार दिखाई दिए हैं. फ़रवरी में तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन पेशावर से अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल जा रहे थे. उसी समय वे लापता हो गए थे.
टीवी चैनल पर दिखाए वीडियो में तारिक़ अज़ीज़ुद्दीन कह रहे थे," मुझे और मेरे ड्राइवर और अंगरक्षक को बंदी बनाया गया है. मुझे आरामदायक परिस्थितियों में रखा गया है और हमारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है."
उन्होंने कहा है," हमें तालेबान के मुजाहिदीन ने पकड़ कर रखा हुआ है. मैं दिल की बीमारी से पीड़ित हूँ और रक्त चाप भी ज़्यादा है."
फ़रवरी में तालेबान के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने उनके कमांडर को पकड़ा है और वे चाहते हैं कि राजदूत के बदले कमांडर को रिहा किया जाए.
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा के बीच कई ऐसे इलाक़े हैं जिन्हें तालेबान समर्थक लोगों का गढ़ माना जाता है.
पिछले कुछ सालों में यहाँ से कई लोगों का अपहरण हो चुका है.
पाकिस्तानी राजदूत तारिक़ अज़ी़ज़ुद्दीन ने कहा है कि वो पहले भी सड़क के रास्ते काबुल जाते रहे हैं और साथ में कबायली लोगों का
सुरक्षा घेरा भी नहीं लेते थे.