रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में हुए उप चुनाव में सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पाँचों सीट जीत ली है.
आज़मगढ़ और ख़लीलाबाद के संसदीय सीटों के साथ-साथ बिलग्राम, करनैलगंज और मुराद नगर की विधानसभा सीटों पर भी बसपा की जीत हुई है.
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को इस उपचुनाव में करारा झटका लगा है. एक हद तक बसपा का मुक़ाबला समाजवादी पार्टी से ही रहा.
बीएसपी के कुशल तिवारी ने ख़लीलाबाद संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी के बालचंद्र यादव को पैंसठ हज़ार मतों के अंतर से हराया.
बीएसपी के अकबर अहमद डंपी ने आज़मगढ़ संसदीय सीट पर जीत दर्ज की. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले समाजवादी पार्टी के रामाकांत यादव को 54 हज़ार मतों के अंतर से हराया. कांग्रेस के उम्मीदवार को इस सीट पर दस हज़ार से भी कम वोट मिले.
इन दोनों सीटों पर पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा के बालचंद्र यादव और रामाकांत यादव विजयी रहे, लेकिन दोनों दल बदल कर समाजवादी पार्टी में चले गए थे.
स्थिति मजबूत
उल्लेखनीय है कि दल-बदल क़ानून के तहत ये दोनों सीट खाली हो गई थीं.
बिलग्राम विधानसभा सीट पर बीएसपी की रजनी यादव विजयी रहीं. बसपा के उपेंद्र तिवारी के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी.
जहाँ करनेलगंज के विधानसभा सीट पर बसपा की कुँवरी ब्रिज सिंह जीतीं वहीं मुराद नगर विधानसभा सीट पर राजपाल त्यागी विजयी रहे.
राजपाल त्यागी ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्य विधानसभा चुनाव यहाँ से जीता था लेकिन वे बाद मे बसपा में शामिल हो गए थे. वे लोकदल के अयूब ख़ान को हरा कर फिर से यह सीट जीतने में सफ़ल रहे.
उत्तर प्रदेश में मायावती के शासन के 11 महीने पूरे हो चुके हैं. उपचुनावों के इन नतीजों से उनकी स्थिति और मज़बूत हुई है.