बुधवार, 16 अप्रैल, 2008 को 10:09 GMT तक के समाचार
सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, झारखंड
झारखंड सहित पाँच राज्यों में माओवादियों की ओर से घोषित बंद के दौरान कई स्थानों से हिंसा की ख़बरें आ रही हैं.
बंद के दौरान बुधवार की सुबह माओवादियों ने धनबाद रेल मंडल के चौधरी बाँध रेलवे स्टेशन के पास एक ज़ोरदार विस्फोट किया जिसमें रेल की पटरियाँ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
घटना के बाद से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई है.
इसके अलावा माओवादियों के एक छापामार दस्ते ने रांची-कोलकाता हाईवे पर धावा बोला. छापामार दस्ते ने तमाड़ इलाके में दो ट्रकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं और बाद में दोनों वाहनों को आग लगा दी.
दरअसल, बंद का आहवान पिछले दिनों गढ़वा ज़िले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में आठ माओवादियों की मौत के विरोध स्वरूप किया गया है.
पिछले दिनों गढ़वा ज़िले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में एक सबज़ोनल कमांडर सहित कम से कम आठ नक्सलियों की मौत हो गई थी.
हालांकि अपने आठ साथियों की मौत का बदला लेने के लिए माओवादियों ने पिछले सप्ताह हज़ारीबाग के विष्णुगढ़ इलाके में एक बारूदी सुरंग का विस्फोट किया था जिसमें केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के नौ जवानों सहित 11 लोग घायल हो गए थे.
इसके अलावा माओवादियों नें राज्य के गुमला ज़िले में शांति सेना के आठ लोगों को मार डाला था.
बंद
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने बिहार और झारखंड सहित पाँच राज्यों में 24 घंटों के बंद का आहवान किया है.
माओवादियों का निशाना बने ट्रक के ड्राइवर मोहम्मद सोहेल का कहना है की वह अपना माल उड़ीसा के बरिपदा ज़िले में उतारकर वापस आ रहा था.
घटना सुबह तीन बजे की है जब दोनों वाहन राज्य की राजधानी रांची से 70 किलोमीटर दूर तमर इलाके में थे.
दूसरे ड्राइवर ने बताया कि एक बोलेरो जीप में सवार होकर आए कुछ बंदूकधारियों नें अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं. सभी हथियारबंद लोगों ने काली वर्दी पहन रखी थी.
इक्का-दुक्का वाहनों के अलावा हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. हालांकि शहरी इलाकों में बंद का असर नहीं देखा गया मगर ग्रामीण इलाकों में बंद की वजह से सामान्य जन जीवन पूरी तरह रुका हुआ है.