मंगलवार, 15 अप्रैल, 2008 को 08:29 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
सर्वदलीय हुर्रियत कांन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े ने भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय मुद्रा के साथ-साथ पाकिस्तानी मुद्रा के चलन की मांग का परोक्ष रूप से स्वागत किया है.
इसकी मांग प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने की है.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रदेश में शासन करने वाले गठबंधन में कांग्रेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा दल है.
मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने जम्मू क्षेत्र के रियासी ज़िले के माहौल इलाक़े में सोमवार को एक रैली को संबोधित करते हुए कश्मीर में भारतीय और पाकिस्तानी मुद्राएँ साथ-साथ चलाए जाने की माँग रखी.
उन्होंने कहा था कि जम्मू और कश्मीर में भारतीय और पाकिस्तानी मुद्रा के चलन की इजाज़त देनी चाहिए ताकि वो सार्क देशों में एक आदर्श बन सके.
मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि सार्क में एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है और जम्मू-कश्मीर इस विषय में पहल कर सकता है.
जम्मू कश्मीर इस बारे में एक मॉडल बन सकता है जहाँ भारत और पाकिस्तान, दोनों की ही मुद्राएँ चलन में हों.
हुर्रियत का रुख़
उधर सर्वदलीय हुर्रियत कांन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीर वॉइज़ उमर फ़ॉरूक़ का कहना है कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जो फ़ॉर्मूला दिया है उसमें एकीकृत मुद्रा चलाना भी एक बिंदू है.
उमर फ़ारूक़ ने बीबीसी से कहा कि एकीकृत मुद्रा मुशर्रफ़ के उस प्रस्ताव का हिस्सा था जिसके अनुसार कश्मीर के दोनों हिस्सों को आर्थिक रूप से जोड़ने की बात थी.
उनका कहना था कि किसी भारत समर्थक नेता का मुशर्रफ़ के फार्मूले का समर्थन करना अच्छा संकेत है लेकिन उन्होंने आशंका भी ज़ाहिर की कि मुफ़्ती मोहम्मद सईद इस तरह की बातें कश्मीर में होने वाले चुनाव के मद्देनज़र लोगों को धोख़ा देने के लिए कर रहे हैं.
मुशर्रफ़ का प्रस्ताव
मुशर्रफ के चार-सूत्रीय कार्यक्रम में सेना की वापसी के अलावा कश्मीर के दोनों हिस्सों में 'स्वशासन' और संयुक्त क्षेत्रीय परिषद की स्थापना जैसे विषय शामिल हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ के अनुसार इस परिषद में कश्मीर के दोनों हिस्सों से चुने हुए प्रतिनिधि शामिल हों.
हुर्रियत कान्फ्रेंस के मीर वॉइज़ के नेतृत्व वाले धड़े ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है.
उधर मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने संयुक्त क्षेत्रीय परिषद की स्थापना को पार्टी की मांग बना लिया है.
उन्होंने ये मांग पिछले सप्ताह पाकिस्तान दौर के बाद हुए एक संवाददाता सम्मेलन में की.
पीडीपी अपने गठन के शुरुआती समय में कश्मीर में आंशिक रूप से पृथकतावादी संगठन के रूप में जाना जाता था लेकिन साल 2002 में हुए चुनावों में सत्ता में आने के बाद से उसकी यह छवि बदल गई है.
प्रेक्षकों का कहना है कि मुफ़्ती मोहम्मद सईद भारत सरकार की कश्मीर सोच से वाकिफ़ रहते हैं.
उनका कहना है कि श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवा पर दोनों देशों की सहमति बनने से साल भर पहले से ही मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने इस विषय में विज्ञापन बोर्ड लगवाने शुरू कर दिए थे.