सोमवार, 14 अप्रैल, 2008 को 17:37 GMT तक के समाचार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर दलित जातियों में सबसे पिछड़े तबकों के लिए 'महादलित अभियान' चलाने की घोषणा की है.
इसके तहत राज्य सरकार तीन अरब रूपए खर्च करेगी जिसका इस्तेमाल अति पिछड़े दलितों के कल्याण के लिए किया जाएगा.
नीतीश कुमार ने बिहार की राजधानी पटना में आयोजित महादलित सम्मेलन के बाद पत्रकारों से कहा, "इस बात में कोई शक नहीं कि पूरा दलित समुदाय समाज के सबसे वंचित समुदायों में से है लेकिन उनमें भी महादलितों की हालत काफ़ी कमज़ोर है."
उनका कहना था कि नई योजना से अगले तीन वर्षों में कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरु की जाएंगी.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बिहार में महादलित आयोग का गठन किया था जिसकी विपक्ष ने आलोचना की थी.
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने उन पर दलितों में फूट डालने का आरोप लगाया था.
लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है, "मैं सबके विकास के विचार पर आगे बढ़ता हूँ, लेकिन साथ ही चाहता हूँ कि दलितों में जो सबसे पिछड़े हैं वो अपने समुदाय के बाकी लोगों के साथ क़दम मिला कर चलें."
उनका कहना था कि सरकार की पहली प्राथमिकता ऐसे लोगों को एक अदद छत दिलाने की होगी.