शनिवार, 12 अप्रैल, 2008 को 20:33 GMT तक के समाचार
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने ताइवान के मनोनीत उप-राष्ट्रपति विन्सेंट स्यु के साथ एक ऐतिहासिक मुलाकात की है.
वर्ष 1949 के गृहयुद्ध में अलग होने के बाद ये दोनों सरकारों के बीच सबसे उच्च स्तरीय बैठक थी.
ये बातचीत चीन के हैनान द्वीप में एक व्यापारिक सम्मेलन के दौरान एक अनौपचारिक बैठक में हुई.
संवाददाताओं का कहना है कि ये बैठक एक संदेश है कि दोनों ही पक्ष वर्षों से खराब रहे संबंधों को सुधारना चाहते हैं.
विंसेंट स्यु ने मा यिंग-जेओ के साथ मिलकर राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था. जेओ ने मार्च में हुए ताइवान के चुनावों में जीत हासिल की थी. उन्होंने कहा है कि 20 मई को सत्ता संभालने के बाद वे चीन औऱ ताइवान के बीच संबंध सुधारने के लिए काम करेंगे.
उधर विंसेंट स्यु बोआ फ़ोरम ऑफ़ एशिया नाम की एक सभा में क्रॉस स्ट्रेट कॉमन मार्केट फ़ाउंडेशन नाम के एक मुनाफ़ा-रहित संगठन के प्रमुख के तौर पर भाग ले रहे थे. ये संगठन चीन और ताइवान के बीच आपसी रिश्ते सुधारने के लिए काम करता है.
बैठक के बाद हू जिंताओ ने कहा कि संबंध सुधारने के लिए दोनों ही पक्षों को प्रयास करने होंगे.
उन्होंने कहा कि विंसेंट स्यु के साथ अर्थव्यवस्था के बारे में बातचीत करने पर उन्हें खुशी होगी.
मुलाकात से पहले विंसेंट स्यु ने कहा था कि इस बैठक से दोनो ही पक्षों में आपसी समझ और विश्वास को बढ़ाने में मदद मिलेगी.
मिसाइल का ख़तरा
पिछले आठ बरसों से ताइवान में आज़ादी का समर्थन करने वाली पार्टी, डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, का शासन था. इस अवधि में ताइवान औऱ चीन के रिश्ते खराब हुए.
हालांकि चीन और ताइवान में गहरे आर्थिक संबंध हैं, पर चीन ने ताइवान की ओर अपनी मिसाइलें तान रखी हैं.
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसके आज़ादी की तरफ़ बढ़ते किसी भी कदम का सख्त विरोधी है.
बैठक से पहले अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रेपांटे ने दोनो पक्षों के बीच मतभेद दूर करने के लिए लिया गया सही कदम बताया.