शुक्रवार, 11 अप्रैल, 2008 को 20:07 GMT तक के समाचार
सुशील कुमार झा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(एमएनएस) का कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी लोगों को नौकरियां दिलाने के लिए वो हर तरह के क़दम उठाएगी.
पार्टी के प्रवक्ता शिरीष पारकर कहते हैं कि राज्य के 47 लाख से अधिक बेरोज़गार युवा एक विस्फोटक बम की तरह हैं जिन्हें काम नहीं मिला तो तबाही मच जाएगी.
उल्लेखनीय है कि पार्टी ने हाल ही में महाराष्ट्र में कई कंपनियों को पत्र लिखकर कहा था कि नौकरियों में मराठी लोगों को तरज़ीह दी जाए.
वो कहते हैं, "हमने एक चेतावनी दी है कंपनियों को. उनको याद दिलाया है पत्र लिखकर कि महाराष्ट्र में मराठी लोगों को नौकरियां मिलनी चाहिए. उनको इसे मानना पड़ेगा."
पारकर का दावा है कि राज्य में ऐसा क़ानून भी है और इसका पालन होना चाहिए.
एमएनएस ने धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की मुंबई में बढ़ती संख्या को बड़ा मुद्दा बना दिया है और हर स्तर पर इन राज्यों के लोगों को मुंबई और आसपास निशाना बनाया जा रहा है.
राज्य में बाहरी लोगों के साथ भेदभाव के बारे में पूछे जाने पर वो कहते हैं, "मुझे ये बताइए कि अगर बिहार और यूपी के लोग यहां आ जाएंगे तो हम कहां जाएंगे. हमारे लिए जगह कहां बची है मुंबई में."
बढ़ता क्षेत्रवाद
हाल के दिनों में फ़िल्म अभिनेताओं और ख़ासकर अमिताभ बच्चन को तीखे शब्दबाण झेलने पड़े हैं और पार्टी का कहना है कि अमिताभ ने महाराष्ट्र से अधिक उत्तर प्रदेश के लिए काम किया.
पार्टी ने अमिताभ के घर के सामने एक पोस्टर भी लगाया है जिसमें कहा गया है कि ‘साइलेंस जोन में होने के बावज़ूद अमिताभ के बेटे की शादी में पटाखे चलाए गए. क्या ये क़ानून का उल्लंघन नहीं है."
इसके बारे में पारकर कहते हैं, "मराठी लोगों की बात पर जो भी अपना मुंह अड़ाएगा उसका जवाब हमारे कार्यकर्ता देंगे."
ये पोस्टर लगाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले पार्टी के युवा कार्यकर्ता संदीप देशपांडे गर्व से कहते हैं कि अमिताभ का घर जिस इलाक़े में है वहां गणपति विसर्जन के दौरान भी पटाखे नहीं चलाने दिए जाते तो फिर अमिताभ के बच्चों की शादी में नियम क्यों नहीं लागू किया गया.
वो कहते हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी पोस्टर लगाए जाएंगे.
यानी मुंबई में आने वाले दिनों में कई स्तरों पर बाहरी और ख़ासकर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को निशाना बनाया जाएगा.