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श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता, नेपाल से

नेपाल में संविधानसभा के लिए मतदान

नेपाल में गुरुवार को संविधानसभा के लिए मतदान होने जा रहा है. दूसरी ओर देश के अलग-अलग इलाक़ों से हिंसा और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों की ख़बरें लगातार आ रही हैं.

चुनाव से एक दिन पहले पुलिस ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के सात कार्यकर्ताओं को गोली मार दी.

दूसरी ओर नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार ऋषिप्रसाद शर्मा की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी.

लेकिन हिंसा की खबरों के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है.

माओवादी नेता पुष्पकमल दहल प्रचंड ने अपने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने को कहा है.

उधर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव नेपाल ने भी अपने कार्यकर्ताओं से धैर्य से काम लेने को कहा है.

कड़ी सुरक्षा

गुरुवार को नेपाल के समयानुसार सुबह सात बजे से संविधान सभा के लिए मतदान शुरू होगा.

इस मतदान पर नज़र रखने के लिए दुनिया भर से लगभग एक हज़ार पर्यवेक्षक नेपाल के अलग अलग हिस्सों मे पहुंचे गए हैं.

इन पर्यवेक्षकों में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर भी शामिल हैं. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त भी नेपाल के चुनाव देखने पहुंचे हैं.

प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव के लिए लगभग डेढ़ लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं.

सुरक्षाकर्मियों ने कुछ माओवादी कार्यकर्ताओं और उन मधेशी संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है जो चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं.

संविधान सभा की कुल 601 सीटों मे से 240 पर सीधा चुनाव होगा जबकी 335 सीटों पर समानुपातिक प्रणाली से चुनाव होगा.

शांति की अपील

माओवादी नेता प्रचंड और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव नेपाल दो दो सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोईराला ने चुनाव प्रचार से अपने को दूर रखा है पर वो मतदान में हिस्सा लेने के लिए अपने गृह ज़िले विराटनगर पहुंच गए हैं.

इस चुनाव मे उनकी पुत्री सुजाता कोईराला, उनके भतीजे शेखर कोईराला, सहित उनके परिवार के सात लोग चुनाव मैदान में हैं.

इसके अलावा मधेशी जनाधिकार मंच नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव भी चुनाव लड़ रहे हैं.

उनका मधेशी जनाधिकार मंच तराई इलाक़े की कुल 116 सीटों मे से 105 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है.

नेपाल में हो रहे संविधानसभा के चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है.

संविधान सभा के पहले सत्र में नेपाल मे राजशाही समाप्त करने और देश को एक संप्रभु गणराज्य घोषित करने पर फ़ैसला किया जाएगा.

हालांकि ऐसे अनेक मुद्दे हैं जिन पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों में गंभीर मतभेद हैं.