रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश
महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व वाली किसान पार्टी, भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फ़रनगर ज़िले में एक किसान पंचायत का आयोजन किया.
यह किसान पंचायत महेंद्र सिंह टिकैत के गांव सिसौली में आयोजित की गई है जिसे कई अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है.
उम्मीद जताई जा रही है कि लोकदल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता इस रैली में भाग लेने के लिए सिसौली पहुंचेंगे.
जानकारों की मानें तो टिकैत की यह पंचायत मुख्यमंत्री मायावती के राजनीतिक विरोधियों के लिए एक मंच बन गई है.
माना जा रहा है कि टिकैत इस पंचायत के ज़रिए किसानों को लुभाने और एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहे हैं.
दरअसल, हाल ही में राज्य की मुख्यमंत्री के साथ अपने विवाद के बाद महेंद्र सिंह टिकैत मायावती विरोधी नेताओं के एक नए चेहरे के तौर पर उभरे हैं.
विवाद की वजह
पिछले दिनों महेंद्र सिंह टिकैत पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक सार्वजनिक सभा में कथित रूप से मायावती के ख़िलाफ़ जाति सूचक टिप्पणियाँ की थीं.
यह बात राज्य की मुख्यमंत्री को नागवार गुज़री थी और उन्होंने टिकैत को गिरफ़्तार किए जाने के आदेश दिए थे.
हालांकि पुलिस की इस कोशिश का टिकैत समर्थकों में काफ़ी विरोध किया था. इस दौरान पुलिस और टिकैत समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं.
इसके बाद सैकड़ों की तादाद में पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल सिसौली गांव में भेजे गए. टिकैत हिरासत में लिए गए और फिर उन्हें बिजनौर की अदालत से ज़मानत भी मिल गई.
इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेता टिकैत के समर्थन में दिखाई दिए. अब माना जा रहा है कि टिकैत अगर किसानों को लामबंद करने में सफल रहते हैं कि आने वाले लोकसभा चुनावों में इसका असर दिख सकता है.