शनिवार, 05 अप्रैल, 2008 को 12:24 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
जेलों में अलगाववादियों से बुरे बर्ताव की कथित ख़बरों को लेकर भारत प्रशासित कश्मीर में आम हड़ताल के दौरान सुरक्षा बलों के साथ लोगों की तीखी झड़पें हुईं हैं.
श्रीनगर के नौहट्टा में भारत विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के कई गोले दागे. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव किया है.
शहर के छोटा बाज़ार इलाक़े से भी हिंसक झड़प की ख़बर है.
बंद का आह्नान प्रमुख अलगाववादी नेता और ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ़्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गीलानी ने किया है.
कश्मीर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघ ने भी बंद की अपील का समर्थन किया है.
इससे पहले ख़बरें आई थीं कि राज्य के जम्मू इलाक़े में जेल अधिकारी राजनीतिक क़ैदियों को शारीरिक और मानसिक यातना देते हैं.
यातना के आरोप
इससे भी ज़्यादा गंभीर ख़बर दिल्ली के तिहाड़ जेल से आई है. एक स्थानीय अख़बार ने तिहाड़ जेल में बंद एक क़ैदी रफ़ीक अहमद की चिट्ठी को छापा है.
इस चिट्ठी में रफ़ीक ने लिखा है कि जेल के अधिकारियों ने उन्हें जबरन ख़ुद का मूत्र पीने के लिए बाध्य किया.
हड़ताल के आह्नान पर घाटी के ज़्यादातर हिस्सों में दुकानें बंद रहीं जबकि यातायात के साधनों पर इसका आंशिक असर हुआ है.
सरकारी दफ़्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति में भी 40 फ़ीसदी तक की कमी दर्ज की गई है.
इस बीच, पुलिस को सीमावर्ती कुपवाड़ा ज़िले में दो पुलिसकर्मियों के शव मिले हैं. दोनों के सिर काट कर धड़ जंगल में फेंक दिए गए थे.
गुरुवार को तारिक़ अहमद और नज़ीर अहमद नाम के दो पुलिस जवानों को चरमपंथियों ने सोगम इलाक़े से अगवा कर लिया था.