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शनिवार, 05 अप्रैल, 2008 को 15:33 GMT तक के समाचार

अब अमिताभ-शिवसेना आमने-सामने

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बाद अब फ़िल्मस्टार अमिताभ बच्चन शिव सेना के निशाने पर है.

शिव सेना का आरोप है कि अमिताभ बच्चन महाराष्ट्र के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं. शिव सेना ने पूरी बात को तमिलनाडु में पेयजल परियोजना विवाद पर रजनीकांत के सामने आने से जोड़ा है.

होगेनक्कल परियोजना को लेकर कर्नाटक में तमिलनाडु विरोधी प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ तमिल सितारे सड़क पर उतर आए थे. रजनीकांत सहित कुछ अन्य तमिल कलाकारों ने उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज किया था.

हालांकि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने अपने आपको इस विवाद से अलग करते हुए कहा है कि यह उनके विचार नहीं हैं और अमिताभ बच्चन उनके पारिवारिक मित्र हैं.

शिव सेना के मुखपत्र सामना में लिखा गया है, "मुंबई में रहने वाले कई सितारे शोहरत हासिल कर लेते हैं. लेकिन जब क्षेत्रीय या मराठी अस्मिता से जुड़ा कोई मुद्दा आता है तो अमिताभ बच्चन समेत कई अभिनेता पीछे हट जाते हैं. लेकिन रजनीकांत उन बिरले व्यक्तियों में से हैं जिन्होंने महाराष्ट्र की संस्कृति को निभाया है. ये इसलिए क्योंकि रजनीकांत ने उस राज्य का पक्ष लिया जिसने उन्हें इतना बड़ा बनाया."

लेख में इस बात की ओर इशारा किया गया है कि रजनीकांत का जन्म महाराष्ट्र में हुआ, वे बड़े हुए कर्नाटक में और तमिलनाडु में जाकर सुपरस्टार बने.

सामना के लेख की सुर्ख़ी थी, 'रजनीकांत खायला मीठला जागला यानी रजनीकांत वफ़ादार रहे हैं.'

लेख में ये बात भी उठाई गई कि मुंबई से जुड़े मुद्दे पर कितने अभिनेताओं में इतना दम है कि वो कड़ा रुख़ अपना सकें.

'किसी को हक़ नहीं'

अमिताभ बच्चन ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मैने मुंबई के लिए क्या किया है इस पर किसी को सवाल उठाने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि मुझे पता है कि मैने क्या किया है. "

उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा, "आपको लगता है कि मैने महाराष्ट्र के लिए ज़्यादा काम नहीं किया. अगर आप ऐसा सोचते हैं तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है."

अमिताभ बच्चन मुंबई में महबूब स्टूडियो में एक आयोजन के सिलसिले में आए हुए थे.

कुछ समय पहले महाराष्ट्र नवनिमार्ण सेना ने भी अमिताभ बच्चन पर आरोप लगाया था कि वे उत्तर प्रदेश के प्रति ज़्यादा वफ़ादार हैं.