गुरुवार, 03 अप्रैल, 2008 को 14:29 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान
भारत में सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्ववर्ती एनडीए सरकार और उसके नेताओं पर चरमपंथियों के प्रति नर्म रुख़ अपनाने का आरोप लगाया है.
सोनिया गाँधी ने गुरुवार को राजस्थान में अपनी एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कंधार विमान अपहरण कांड का मुद्दा फिर उठाया और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से तत्कालीन गृहमंत्री के तौर पर सफ़ाई मांगी.
दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर ज़िले मे एक भीड़ भरी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया गाँधी ने पूर्ववर्ती सरकार पर तीखे प्रहार किए.
सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा के लोगों की देशभक्ति महज ज़ुबानी है.
सोनिया ने कहा, "मैं पूछना चाहती हूँ कि वो कौन-सी सरकार थी, जिसने आतंकवादियों की मेहमान-नवाज़ी करके उन्हें अफ़ग़ानिस्तान ले जाकर छोड़ा था."
आडवाणी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "अब आडवाणी जी कहते है कि यह फ़ैसला उनकी जानकारी में नहीं था. इससे क्या नतीजा निकालें. क्या यह माना जाए कि तत्कालीन प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री पर विश्वास नहीं था. अगर विश्वास नहीं था तो क्यों नहीं था."
कांग्रेस अध्यक्षा लालकृष्ण आडवाणी की हाल ही में प्रकाशित हुई किताब का हवाला दे रही थीं जिसमें कथित तौर से कहा गया है कि चरमपंथियों को विमान अपरहण के बाद विदेशमंत्री के साथ अफ़ग़ानिस्तान भेजने के निर्णय की उन्हें जानकारी नही थी.
बिना मौका गंवाए सोनिया गांधी ने कहा कि देश इस मामले की सचाई जानना चाहता है. पूर्ववर्ती विदेशमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं जबकि जॉर्ज फर्नाडिस कुछ और कह रहे हैं.
महंगाई पर सफ़ाई
अदिवासियों की इस रैली में सोनिया गांधी ने महंगाई पर सफ़ाई दी और कहा कि केंद्र सरकार ने बहुतेरे कदम उठाए है ताकि महंगाई कम हो सके.
साथ ही उन्होंने महंगाई के लिए राज्य सरकार पर दोष लगाया. उनकी नज़र में राज्य की भाजपा सरकार भ्रष्ट है और केंद्र से मिली राशि का दुरूपयोग कर रही है.
सोनिया गांधी की यह आम सभा एक तरह से कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरुआत थी.
इसके लिए कांग्रेस ने अदिवासियों के तीर्थस्थल बेनेश्वर को चुना जो गुजरात और राजस्थान की सीमा पर माही और सोम नदियों के संगम पर है.
अपनी इस शुरुआत के ज़रिए कांग्रेस आदिवासियों के बीच अपना खोया हुआ आधार फिर से हासिल करना चाहती है क्योंकि पिछले चुनाव में कांग्रेस को आदिवासी क्षेत्रों में भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
उधर भाजपा भी अब आदिवासी अंचलों में जवाबी सभा की योजना बना रही है.