भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना है कि पिछले साल नवंबर में जब वो 80 साल के हुए थे तो उन्होंने राजनीति से रिटायर होने के बारे में सोचा था.
एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने रिटायर होने के बारे में इसलिए सोचा था क्योंकि उनको लग रहा था कि सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पर्याप्त काम कर लिया है.
उनका कहना था,'' जब मैंने किताब लिखना शुरू किया तो मेरे ज़हन में कहीं रिटायर होने की बात थी.''
उनसे रिटायर के आशय के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था, जी हाँ, राजनीति से अवकाश.
आडवाणी का कहना था,'' माई कंट्री, माई लाइफ़ को पूरा करने के बाद मुझे लगा कि एक बड़ा काम पूरा हो गया है. मैं अपने मित्रों से कहता रहा हूँ कि व्यक्ति को उस वक्त रिटायर हो जाना चाहिए जब उसकी सेहत साथ दे रही हो.''
विपक्ष के नेता का कहना था कि उनको अवकाश लेने का ख्याल उस समय फिर आया जब पिछले साल दिसंबर में मेरा नाम अगले प्रधानमंत्री के रूप में घोषित किया गया था.
उनका कहना था,''मुझे लगा कि ऐसा करना पार्टी के हित में नहीं होगा.''