मंगलवार, 01 अप्रैल, 2008 को 11:34 GMT तक के समाचार
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती उनके पति अमिताभ बच्चन के ख़िलाफ़ सिर्फ़ सस्ता प्रचार पाने के लिए कार्रवाई कर रही हैं.
मंगलवार को जया बच्चन ने कहा, "मायावती यह सब सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कर रही हैं. इसकी वजह यह है कि जब वह अमिताभ बच्चन पर हमला करती हैं तो मीडिया से उन्हें पब्लिसिटी मिलती है."
उन्होंने ने मीडिया से कहा, "मायावती बहुत कुछ करती हैं और बहुत कुछ नहीं भी करतीं लेकिन मीडिया उन सब बातों के बारे में नहीं लिखता. लेकिन जब वह अमिताभ बच्चन के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई करती है तो आप लोग इसे बढ़ा-चढ़ा कर लिखते हैं."
इससे पहले सोमवार को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले के अधिकारियों ने एक नोटिस जारी कर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने स्टांप शुल्क बचाने के लिए वहाँ खरीदी ज़मीन के दाम कम दिखाए हैं.
नोटिस जारी
बाराबंकी के अतिरिक्त ज़िलाधिकारी (वित्त) शिरीष दुबे ने ज़िले के तहसीलदार अनिल कुमार की लिखाई रिपोर्ट के आधार पर बच्चन पर भारतीय स्टांप शुल्क क़ानून के अनुभागों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए एक नोटिस जारी किया था.
शिरीष दुबे ने कहा कि इस ज़मीन की क़ीमत आठ लाख 43 हज़ार 639 रुपए थी जबकि इसे छह हज़ार रुपए कम पर ख़रीदा हुआ दिखाया गया. इस हिसाब से अभिनेता ने 695 रुपए कम स्टांप शुल्क अदा किया.
अभिनेता के वकील प्रदीप रॉय कम स्टांप शुल्क अदा करने के आरोप को आधारहीन बताते हुए कहा, "यह अमिताभ बच्चन की छवि को धूमिल करने का प्रयास है."
उन्होंने कहा, "इसके लिए हम मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे."
ज़िम्मेदारी
रॉय ने कहा कि यह ज़िला प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि वह स्टांप शुल्क तय करे और उन्हें भुगतान के वक़्त ही इसकी जाँच करनी चाहिए थी.
यह ज़मीन बच्चन ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में ख़रीदी थी और इस साल 27 जनवरी को उन्होंने अपनी बहू और अभिनेत्री ऐश्वर्य रॉय के नाम पर बनाए जा रहे महिला कॉलेज की आधारशिला रखी.
इसी गाँव में वो ज़मीन है जिसकी मिल्कियत को लेकर अमिताभ बच्चन पर धोखाधड़ी का मुकदमा चल रहा था लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी थी.
हालाँकि उस विवादास्पद ज़मीन का मालिकाना हक़ उनसे छिन गया था. इसके बाद अमिताभ ने उसी गाँव में और ज़मीन ख़रीदी जिस पर नया कॉलेज खुलने जा रहा है.
सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था.