सोमवार, 24 मार्च, 2008 को 00:41 GMT तक के समाचार
भूटान में पहली बार लोकतांत्रिक सरकार के लिए हुए चुनाव में ग़ैर आधिकारिक नतीजों के मुताबिक भूटान यूनाइटेड पार्टी जीत गई है.
ग़ैर आधिकारिक नतीजों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री जिग्मे थिनले के दल भूटान यूनाइटेड पार्टी को ज़्यादातर सीटें मिली हैं.
सौ साल से ज़्यादा की राजशाही के बाद भूटान में पहली बार सोमवार को लोकतांत्रिक चुनाव हुए.
इस ऐतिहासिक चुनाव में भूटान की जनता ने 47 संसदीय सीटों के लिए अपनी प्रतिनिधियों का चुनाव किया.
भारत और चीन के बीच स्थित इस छोटे देश के शाही परिवार ने ही लोकतांत्रिक चुनाव की पहल की थी जिसका मानना है कि अब देश की जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए तैयार हो गई है.
हालाँकि बड़ी संख्या में लोग यह भी मानते हैं कि वे राजशाही से ख़ुश हैं. भूटान के पहले संसदीय चुनाव में सिर्फ़ दो पार्टियाँ ही अपना क़िस्मत आज़मा रही हैं.
पार्टियाँ
दो बड़ी पार्टियों पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भूटान यूनाइटेड पार्टी ने जनता से वादा किया है कि चुनाव जीतने पर वे देश की आर्थिक प्रगति पर ध्यान देंगी और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाएँगी.
दोनों पार्टियों का नेतृत्व पूर्व मंत्रियों के हाथ में है. पीपुल्ल डेमोक्रेटिक पार्टी की कमान संभाल रहे हैं संगय नगेडप, जो पूर्व राजा की पत्नी के भाई हैं. जबकि भूटान यूनाइटेड पार्टी का नेतृत्व जिग्मे थिनली कर रहे हैं और शाही परिवार से उनका कोई संबंध नहीं है.
लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी को भूटान की आम जनता से जोड़ने की कोशिश की है. भूटान में संसद के ऊपरी सदन के लिए दिसंबर में चुनाव हुए थे.
भूटान में उस समय से लोकतंत्र की तैयारी चल रही है जब पूर्व शासक जिग्मे सिंग्ये वांगचुक ने चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने का फ़ैसला किया था.
इस समय भूटान के राजा हैं जिग्मे खेसर नमग्याल वांगचुक, जो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के बेटे हैं. जो लोकतांत्रिक सरकार आने के बाद भी देश के प्रमुख बने रहेंगे और उनके पास कुछ अधिकार भी रहेंगे.
भूटान के कई लोग राजशाही से ख़ुश हैं और उन्हें काफ़ी दुख है कि उनके राजा गद्दी छोड़ रहे हैं.