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रविवार, 23 मार्च, 2008 को 16:47 GMT तक के समाचार

'मैं ओलंपिक खेलों का समर्थन करता हूँ'

तिब्बतियों के सर्वोच्च धार्मिक नेता दलाई लामा ने चीन में होने वाले ओलंपिक खेलों के प्रति समर्थन जताया है.

वहीं अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख ज्याक़ रॉग ने कहा है कि चीन में ओलंपिक खेल होने से वहाँ बदलाव आएगा क्योंकि करीब 25 हज़ार पत्रकार खेल की रिपोर्टिंग करने जाएँगे. पर साथ ही उन्होंने तिब्बत के मुद्दे पर चिंता जताई और कहा कि हिंसा ओलंपिक खेलों की मूल भावना के ख़िलाफ़ है.

इससे पहले दलाई लामा ने इन आरोपों का खंडन किया कि वे ओलंपिक खेलों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं.

उनका कहना था, "चीन मेज़बान देश है, मैने हमेशा इस बात का समर्थन किया है कि चीन में ओलंपिक खेल होने चाहिए. "

दलाई लामा इन दिनों एक कार्यशाला के सिलसिले में दिल्ली आए हुए हैं और ये बात उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कही.

कई तिब्बती लोग चीन में ओलंपिक खेलों के आयोजन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते आए हैं. इन लोगों की माँग है कि खेलों का बहिष्कार किया जाए.

इस बीच चीन लगातार ये आरोप लगा रहा है कि तिब्बत की आजा़दी के मुद्दे की आड़ लेते हुए दलाई लामा ओलंपिक खेलों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे है.

अंतरराष्ट्रीय दबाव

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक चीन ने ये आरोप लगाया है कि दलाई लामा उसके उत्तरी हिस्से में इस्लामी अलगाववादियों के साथ गठजोड़ कर रहे हैं.

वहीं चीन पर ये दबाव पड़ रहा है कि ओलंपिक खेलों से पहले वो दलाई लामा से बातचीत करे. यूरोपीय संसद के अध्यक्ष ने कहा है कि अगर चीन बातचीत नहीं करता है तो बहिष्कार जायज़ होगा.

उनका कहना था," चीन को फ़ैसला करना होगा. उसे दलाई लामा के साथ जल्द से जल्द बातचीत करनी होगी. हम बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार की आशंका से इनकार नहीं कर सकते. हम चाहते हैं कि खेल सफल हो लेकिन सांस्कृतिक नरसंहार की कीमत पर नहीं."

इससे पहले अमरीकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पलोसी ने भी दलाई लामा से मुलाकात की थी. उन्होंने तिब्बत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अंतरात्मा के लिए चुनौती बताया था.