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रविवार, 23 मार्च, 2008 को 08:19 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

चित्तौड़गढ़ में हिंसा के बाद कर्फ़्यू

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है. फिलहाल वहाँ हालात काबू में हैं.

हिंसक भीड़ ने दो दर्ज़न से ज़्यादा दुकानें जला दीं और कई गुमटियाँ भी आग के हवाले कर दीं.

शनिवार को हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच जमकर हिंसा हुई.

हिंसा पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा और रबर की गोलियाँ भी चलानी पड़ीं. बाद में पड़ोसी ज़िलों से पुलिस की आठ कंपनियाँ भी बुलाई गईं.

पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.

दोनों गुटों ने एक दूसरे पर जमकर पथराव भी किया. इस पथराव में आधा दर्जन लोग घायल भी हुए हैं.

ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब शुक्रवार को मुसलमानों के किसी आयोजन पर हिंदुओं की ओर से आपत्ति की गई.

इसके बाद शनिवार की सुबह शहर की दीवारों पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाले नारे लिखे देखे गए. इस वक्त हिंदु होली मनाने में व्यस्त थे.

थमी हिंसा, हालात काबू में

शुक्रवार को ही छिटपुट हिंसा शुरु हो गई थी लेकिन शनिवार हिंसा बढ़ गई.

उदयपुर से दंगों का जायज़ा लेने चित्तौड़गढ़ पहुँचे इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस एनआर रेड्डी ने बीबीसी को बताया, “हालात को काबू में करने के लिए हमें कर्फ़्यू लगाना पड़ा. अभी तनाव बरक़रार है. लेकिन हालात पूरी तरह हमारे काबू में हैं.”

राजस्थान पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एएस गिल भी हालात का जायज़ा लेने चित्तौड़गढ़ पहुँचे.

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया मौक़े का दौरा कर जयपुर वापस लौट चुके हैं.