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गुरुवार, 20 मार्च, 2008 को 05:00 GMT तक के समाचार

तिब्बत में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़

चीन ने तिब्बत में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक़ 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और तिब्बत और आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

चीन की सरकार का कहना है कि तिब्बत की राजधानी ल्हासा में हाल में हुए दंगों के संबंध में इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. बुधवार को चीनी अधिकारियों ने सौ प्रदर्शनकारियों के आत्मसमर्पण की घोषणा की थी.

ल्हासा में सरकारी वकील के दफ़्तर ने कहा है कि अभियुक्तों को कड़ी सज़ा होनी चाहिए.

ल्हासा में एक जर्मन पत्रकार ने बीबीसी को बताया है कि वहाँ धीरे-धीरे जन-जीवन सामान्य हो रहा है लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है और मठ अब भी बंद हैं.

तिब्बत में प्रदर्शन 10 मार्च को शुरु हुए थे जब दुनिया भर में रह रहे तिब्बतियों ने चीनी शासन के ख़िलाफ़ विद्रोह की 49वीं वर्षगाँठ मनाई थी. हाल में तिब्बत और पश्चिमी चीन में तिब्बतियों के प्रदर्शनों की ख़बर कम से कम 25 जगहों से मिली है लेकिन चीन में इन ख़बरों की पुष्टि कर पाना लगभग असंभव है.

'ब्रिटेन दलाई लामा को समर्थन न दे'

ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओं ने उन्हें बताया है कि वे कुछ शर्तों के साथ तिब्बत के मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार हैं.

दूसरी ओर चीन ने कहा है कि वह ब्रितानी प्रधानमंत्री के मई में निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा से मिलने की योजना से गंभीर रुप से चिंतित है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रिटेन से अनुरोध किया है कि वह दलाई लामा की 'अलगाववादी' गतिविधियों को समर्थन देने की पेशकश न करे.

प्रधानमंत्री ब्राउन ने ब्रितानी संसद को बताया कि उन्होंने चीन से स्पष्ट कहा है कि तिब्बत में हिंसा हर हाल में बंद होनी चाहिए.

उधर चीन बड़ी संख्या में सैनिक तिब्बत में भेज रहा है. शिहुआन प्रांत में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता ने कहा कि उसने ख़ुद तिब्बत की ओर पहाड़ी इलाक़े में बढ़ रहे 400 सैन्य वाहनों को गिना है.