रविवार, 16 मार्च, 2008 को 09:34 GMT तक के समाचार
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में हुए एक ज़बरदस्त बम धमाक़े में पाँच लोगों की मौत हो गई जबकि 50 से ज़्यादा घायल हो गए हैं.
घायलों में असम पुलिस के चार जवान भी शामिल हैं.
रविवार तड़के ये धमाक़ा असम के उत्तरी जोनाई शहर के एक मैदान में हुआ.
मैदान में उस वक्त तक़रीबन 1500 लोग जमा थे. ये तमाम आदिवासी यहां इकट्ठा होकर एक सांस्कृतिक समारोह मना रहे थे.
सभी घायलों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
असम पुलिस ने इस धमाके के लिए राज्य के चरमपंथी गुट यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ असम (उल्फ़ा) को ज़िम्मेदार ठहराया है.
असम पुलिस का कहना है कि उल्फ़ा रविवार को अपना 'सैन्य दिवस' मना रहा है.
हमलों में तेज़ी
असम पुलिस के मुताबिक पिछले दस दिनों में हुए पांच बम धमाकों के लिए भी उल्फ़ा ही ज़िम्मेदार है. इन धमाकों में तीन लोग मारे गए थे जबकि 30 घायल हुए थे.
हालांकि, अब तक उल्फ़ा ने इस बम धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़ विस्फ़ोट जोनाई के टेलिफोन एक्सचेंज के पास हुआ. उस वक्त यहां के मिशिंग आदिवासी जनजाति एक स्थानीय समारोह अली-ऐई-ल्रिगांग मना रहा था.
1979 में बना चरमपंथी संगठन उल्फ़ा असम की आज़ादी की माँग करता रहा है. पिछले दिनों इस संगठन ने भारतीय सुरक्षा बलों और असम पुलिस पर हमले तेज़ कर दिए हैं.
पिछले कुछ महीनों में संगठन के कई नेता और लड़ाके मारे जा चुके हैं. जबकि, कई गिरफ़्तार भी हुए हैं और कुछ ने आत्मसमर्पण भी किया है.
शनिवार को भी एक बम धमाका पश्चिमी असम के अभयपुरी इलाक़े में हुआ था जिसमें छह लोग घायल हो गए थे.
असम पुलिस के खुफ़िया विभाग के प्रमुख खागेन सरमाह का कहना है कि उल्फ़ा असम में अपने वजूद को साबित करने के लिए अब आम आदमियों को निशाना बना रहा है.