गुरुवार, 13 मार्च, 2008 को 05:19 GMT तक के समाचार
भारत में पुलिस ने सौ से अधिक निर्वासित तिब्बतियों को गिरफ़्तार किया है. ये सभी चीन में ओलंपिक का विरोध प्रदर्शित करने के लिए तिब्बत की ओर मार्च कर रहे थे.
अधिकारियों और आयोजकों का कहना है कि गिरफ़्तारी गुरुवार को सुबह देहरा शहर में हुई.
उल्लेखनीय है कि निर्वासित तिब्बतियों ने पिछले सोमवार को धर्मशाला से अपना मार्च शुरु किया था, जो कि तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय भी है.
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सोमवार को ही सूचित कर दिया था कि वे इस मार्च की अनुमति नहीं दे सकते.
गुरुवार की सुबह जब प्रदर्शनकारी निकले तो पहले से तैयार पुलिसबल ने उन्हें गिरफ़्तार करके बसों में बिठा लिया.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार गिरफ़्तारी के समय प्रदर्शनकारी तिब्बत को मुक्त करने के नारे लगा रहे थे.
गिरफ़्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में कई विदेशी भी हैं.
एपी ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों को पास के पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.
विरोध
पिछले सोमवार यानी 10 मार्च से तिब्बती 1959 में 'चीन के ख़िलाफ़ विद्रोह' की याद में कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं.
इसी असफल विद्रोह के समय दलाई लामा को तिब्बत छोड़कर निकल जाना पड़ा था.
इस दिन के बाद से जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए गए हैं.
दिल्ली में तिब्बतियों ने विरोध प्रदर्शन किया और चीन के ख़िलाफ़ नारे लगाए. बुधवार को चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन करते कई तिब्बतियों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.
चीन सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि मंगववार को ल्हासा में 300 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं ने शहर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया.
एक दूसरा विरोध प्रदर्शन शहर के मुख्य मंदिर के पास हुआ जिसमें बौद्ध भिक्षु शामिल हुए.
इन प्रदर्शनों के बाद मीडिया में कुछ बौद्ध भिक्षुओं को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बरें आई थीं लेकिन तिब्बत प्रशासन ने इससे इनकार किया है.
1989 में तिब्बत की आज़ादी के लिए हुए आंदोलन के बाद से यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है.