गुरुवार, 13 मार्च, 2008 को 17:56 GMT तक के समाचार
अमरीका में भारत के राजदूत रोनेन सेन ने कहा है कि भारत सरकार अमरीका के साथ असैनिक परमाणु समझौते के प्रति वचनबद्ध है.
उनका कहना था कि भारत समझौते के केवल 123 प्रावधान से बंधा हुआ है.
ग़ौरतलब है कि रोनेन सेन का बयान परमाणु समझौते को लेकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और वामपंथी दलों की 17 मार्च को होने वाली अहम बैठक से पहले आया है.
वामपंथी दल इस समझौते का कड़ा विरोध कर रहे हैं और उन्होंने सरकार से कहा है कि वह समझौते पर अपना रुख़ स्पष्ट करे.
रोनेन सेन ने कहा कि कोई भी फ़ैसला करने से पहले दोनों देशों की सरकारों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुजरना है. साथ ही किसी भी पक्ष को क्या करना चाहिए और क्या नहीं इसको लेकर एक दूसरे को नसीहत नहीं देनी चाहिए.
जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एशियन स्टडीज़ के भारत पहल कार्यक्रम के तहत रोनेन सेन ने कहा,'' जहाँ तक परमाणु समझौते का सवाल है तो मैं कहना चाहूँगा कि भारत सरकार उसके लिए वचनबद्ध है.''
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से अनुमति लिए जाने के संबंध में भारतीय राजदूत ने कहा,'' इस पर काम अब भी चल रहा है. हम एक लोकतांत्रिक देश हैं और कुछ प्रक्रियाएँ हैं जिन्हें पूरा किया जाना है लेकिन वे अब तक पूरी नहीं हुई हैं.
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले परमाणु समझौते के विरोधियों को 'हैडलेस चिकन' कहने के मामले में रोनेन सेन विवादों में घिर गए थे और उन्हें संसद की विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होकर माफ़ी माँगनी पड़ी थी.
सेन की टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ था जिसके बाद ये मामला दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों को सौंप दिया गया था.
रोनेन सेन ने रीडिफ़ डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि '' इसे (परमाणु समझौता) अमरीका में राष्ट्रपति और वहाँ कैबिनेट ने पारित किया, तो फिर सिरकटे मुर्गे (हेडलेस चिकन) की तरह क्या फड़फड़ाना.''