बुधवार, 12 मार्च, 2008 को 18:01 GMT तक के समाचार
दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई से 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में एक सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.
इस मामले में अदालत ने सीबीआई को आड़े हाथों लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संजीव जैन का कहना था, '' सीबीआई का रवैया अजीब है... उन्हें अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए न कि उनका बचाव करना चाहिए.''
मजिस्ट्रेट ने सीबीआई ने कहा,'' मैंने आपसे आरोप पत्र दाखिल करने को नहीं बल्कि स्थिति रिपोर्ट देने को कहा है.''
अदालत ने जांच एजेंसी से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा है.
सीबीआई के वकील संजय कुमार ने अदालत को बताया कि मामले की दोबारा जाँच से संबंधित 18 दिसंबर को दिए गए आदेश के बाद चार गवाहों से पूछताछ की गई है.
उनका कहना था कि जांच एजेंसी ने अमरीका में रह रहे जसबीर सिंह से भी संपर्क किया है.
उल्लेखनीय है कि जसबीर सिंह ने उस समय गवाही देने की इच्छा जताई थी जब सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ दर्ज मामले को बंद किए जाने को कहा था.
84 के दंगे
ग़ौरतलब है कि अक्तूबर, 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली और अन्य शहरों में सिख विरोधी दंगे भड़के थे और कांग्रेस के कुछ नेताओं के ख़िलाफ़ इन्हें भड़काने के आरोप लगे थे.
उन दंगों में लगभग तीन हज़ार लोग मारे गए थे.
दंगों के एक प्रभावित जसबीर सिंह का कहना है कि उनके परिवार और रिश्तेदारों में 26 लोग मारे गए थे.
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने 29 सितंबर को अपनी रिपोर्ट में इन आरोपों का सामना कर रहे जगदीश टाइटलर को 'क्लीन चिट' दे दी थी और मामले को बंद करने की सिफ़ारिश की थी.
सीबीआई ने टाइटलर को दी गई 'क्लीन चिट' में कहा है कि उन्हें दंगे भड़काते हुए देखने का दावा करने वाले जसबीर सिंह का पता नहीं चल पा रहा है इसलिए आगे जांच नहीं हो सकती.
जसबीर सिंह इस समय अमरीका में रह रहे हैं.
सीबीआई की इस रिपोर्ट के बाद जसबीर सिंह कई टीवी चैनलों पर देखे गए जिसके बाद दंगा पीड़ितों ने याचिका दायर कर स्पष्ट किया कि जसबीर सिंह बयान के लिए उपलब्ध हैं.
इसके बाद अदालत ने सीबीआई को मामले की दोबारा जाँच के आदेश दिए थे.