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बुधवार, 12 मार्च, 2008 को 10:59 GMT तक के समाचार

हेरात में डॉक्टरों की हड़ताल बढ़ी

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रांत में बेहतर सुरक्षा मुहैया कराए जाने की माँग के समर्थन में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से एकजुटता दिखाने के लिए दुकानदार और फ़ैक्टरियों के कर्मचारी भी शामिल हो गए हैं.

हेरात प्रांत के डॉक्टरों ने चिकित्सा स्टाफ़ और उनके परिवारों पर हाल के समय में हुई हमलों की घटनाओं में बढ़ोत्तरी के विरोध में बेमियादी हड़ताल शुरू की थी जिसका बुधवार को चौथा दिन था.

हेरात के केंद्रीय अस्तपाल में कामकाज बिल्कुल ठप है और फ़ार्मेसी की दुकानें और निजी क्लीनिक भी बिल्कुल बंद हैं.

अफ़ग़ान सरकार ने इस संकट का सामना करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल हेरात प्रांत रवाना किया है. मंगलवार को सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि अगर वे काम पर नहीं लौटे तो उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हेरात प्रांत में पिछले सप्ताह एक स्थानीय डॉक्टर के बेटे का अपहरण कर लिया गया था जिसके बाद गत शनिवार को सैकड़ों डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा स्टाफ़ ने बेमियादी हड़ताल शुरू की थी.

डॉक्टरों का कहना है कि पिछले साल भी अनके ऐसी घटनाएँ हुई थीं जिनमें ख़ुद डॉक्टरों या उनके रिश्तेदारों का अपहरण कर लिया गया, या उन पर हमले हुए. ऐसी ख़बरें थीं कि अपहर्ताओं ने तीन लाख डॉलर की फिरौती की माँग की थी.

डॉक्टरों की मांग है कि सुरक्षा बल एक डॉक्टर के अगवा किए गए बेटे की रिहाई सुनिश्चित करें और पूरी सुरक्षा व्यवस्था में ही बेहतरी लाएँ.

हेरात का मुख्य अस्पताल आमतौर पर बहुत व्यवस्त रहता है लेकिन इस हड़ताल की वजह से अब वह सुनसान नज़र आ रहा है क्योंकि हड़ताल की ख़बर सुनकर अब मरीज़ भी इस अस्पताल में नहीं पहुँच रहे हैं.

इस हड़ताल की वजह से हेरात प्रांत में चिकित्सा सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, अस्पतालों में कामकाज बिल्कुल ठप है और दवाइयाँ बेचने वाली दुकानें और निजी क्लीनिक भी बंद हैं.

यह हड़ताल हेरात शहर से भी बाहर फैल चुकी है. हैरात काफ़ी बड़ा और व्यस्त शहर है, जहाँ आसपास के ज़िलों और प्रांतों से लोग आते हैं.