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शनिवार, 08 मार्च, 2008 को 07:50 GMT तक के समाचार

'अपनी भाग्य विधाता महिलाएँ ही हैं'

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि महिलाएँ अपना भाग्य स्वयं बना सकती हैं.

अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह मानते थे कि महिलाएं अपना भाग्य स्वयं बना सकती हैं जिससे वे अपना, अपने बच्चों और समाज का भला कर सकती हैं.

सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समर्थ बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने इस दिशा में कई क़दम उठाए हैं.

यूपीए सरकार की नीतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'हमारी नीतियों से महिलाओं को लाभ मिला है'.

यूपीए सरकार की नीतियाँ

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि स्वयं सहायता समूह और माइक्रो फ़ाइनेंस (छोटे ऋण) महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कारगर साबित हुए हैं और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से भी महिलाओं को काफ़ी लाभ होगा.

बाल विकास के लिए चलाए जा रहे आंगनबाड़ी योजना के कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें इन पर गर्व हैं. इनके योगदान को देखते हुए यूपीए सरकार ने इनके मानदेय को 50 फ़ीसदी बढ़ा दिया है.

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिले. इस कार्यक्रम में 15 महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए "स्त्री शक्ति पुरस्कार" से सम्मानित किया गया.

सोनिया गांधी ने कहा कि इस तरह के पुरस्कारों से लाखों महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी.

उन्होंने कहा, "हमारा सपना एक है, लक्ष्य एक है, हमें एक ऐसा समाज चाहिए जिसमें कन्या भ्रूण हत्या न हो, एक भी बच्चा अशिक्षित न रहे. ऐसे समाज की स्थापना के लिए हमें मिलकर काम करना होगा."