शनिवार, 08 मार्च, 2008 को 13:49 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी के पूर्वोत्तर भारत संवाददाता
पूर्वोत्तर राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद मतगणना का काम चल रहा है या पूरा हो चुका है पर हिंसा इस दौरान भी दस्तक दे रही है.
शनिवार को असम में हुए दो बम विस्फोटों में कम से कम 18 लोग घायल हो गए. घायलों में से अधिकतर लोग हिंदी भाषी हैं.
घायलों की यह तादाद बढ़ भी सकती थी पर समय रहते सुरक्षाबलों ने एक बम को निष्क्रिय कर दिया.
राज्य पुलिस ने इन बम विस्फोटों के पीछे प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) का हाथ होने की आशंका जताई है.
वहीं एक अन्य पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शनिवार को विद्रोहियों ने राजधानी इंफ़ाल स्थित विधानसभा भवन को अपना निशाना बनाया.
हालांकि इस ग्रेनेड हमले में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. अभी तक यह साफ़ नहीं हो सका है कि इस हमले के पीछे किस चरमपंथी संगठन का हाथ था.
ये हमले ऐसे वक्त में हुए हैं जब पड़ोसी राज्य नगालैंड में विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना का काम जारी है.
हिंदी भाषियों पर निशाना
विद्रोहियों ने इसबार भी मुख्य रूप से हिंदी भाषी लोगों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं. पिछले दो वर्षों से पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदी भाषी लोगों पर हिंसक हमलों में तेज़ी आई है और कई लोगों को इन हमलों में अपनी जान गंवानी पड़ी है.
शनिवार को असम में जो विस्फोट हुए उनमें पहला बम विस्फोट राजधानी गुवाहाटी के प्रमुख व्यावसायिक स्थल फ़ैंसी बाज़ार में दोपहर बाद डेढ़ बजे हुआ. बम एक ट्रक के नीचे रखा हुआ था.
इस विस्फोट में चार लोग घायल हो गए. इनमें एक मज़दूर, एक चाय विक्रेता और दो राहगीर शामिल हैं.
गुवाहाटी में हुए बम विस्फोट के आधे घंटे बाद तिनसुकिया में भी एक बम विस्फोट हुआ. इसमें कई लोग घायल हो गए जिनमें से तीन की हालत गंभीर है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उधर, सुरक्षा बलों ने असम के ही दरांग ज़िले के तांगाई बाज़ार से ढाई किलो का एक बम बरामद किया है. बम एक साइकिल में रखा गया था. बम को सेना और सीआरपीएफ़ के बम निरोधी दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया.
किसी ने नहीं ली ज़िम्मेदारी
बीबीसी से बातचीत में असम के पुलिस महानिरीक्षक डीके पाठक ने बताया कि तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्होंने इन बम विस्फोटों
के पीछे प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) का हाथ होने की आशंका जताई.
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उन्होंने बताया कि इस सप्ताह अल्फ़ा द्वारा किया गया यह तीसरा बम विस्फोट है. बृहस्पतिवार को लखीमपुर कस्बे में हुए बम विस्फोट में नौ लोग घायल हो गए थे.
अल्फ़ा हर साल 16 मार्च को “सेना दिवस” मनाता है. इस दौरान हर वर्ष सुरक्षा बलों पर हमले की घटनाएं तेज़ हो जाती हैं.
हलांकि अल्फ़ा ने अभी तक न तो किसी बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली है और न ही इनकार किया है.
पिछले दो वर्षों में अल्फ़ा ने उत्तरी असम के तिनसुकिया और उसके आसपास के जिलों में हिंदी भाषी लोगों पर हमले तेज़ कर दिए हैं.
मणिपुर में भी हमला
उधर, असम के पड़ोसी राज्य मणिपुर की राजधानी इंफाल स्थित राज्य विधानसभा के परिसर में अज्ञात लोगों ने एक शक्तिशाली ग्रेनेड फेंका. इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ है.
पुलिस ने बताया कि शनिवार दोपहर चार-पांच अज्ञात लोगों ने विधानसभा के मुख्य भवन पर एक ग्रेनेड फेंका. छुट्टी होने के कारण वहां कोई कर्मचारी मौज़ूद नहीं था.
ग्रेनेड फेंकने के बाद सभी हमलावर फ़रार हो गए. इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है.
अभी तक किसी भी विद्रोही गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. राज्य के गृह विभाग ने इस हमले के जांच के आदेश दे दिए हैं.
खुफ़िया अधिकारियों ने बताया कि भूटान की सीमा से लगी राज्य की सीमा पर सुरक्षा बलों की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन में पिछले एक महीने में कई बाग़ी मारे गए हैं.
खुफ़िया अधिकारियों ने बताया कि ये विद्रोही राजधानी में इस तरह की वारदात कर अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं.