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शुक्रवार, 07 मार्च, 2008 को 17:48 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ विरोधी गठबंधन और मज़बूत

पाकिस्तान में ग्यारह निर्दलीय सांसदों ने परवेज़ मुशर्रफ़ विरोधी दो प्रमुख पार्टियों में शामिल होने का फ़ैसला किया है.

सात निर्दलीय सांसद आसिफ़ अली ज़रदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) में शामिल हुए हैं जबकि चार सांसद नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) में आ गए हैं.

लेकिन इसके बावजूद विरोधी दलों के पास इतना बहुत नहीं है कि वे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर महाभियोग लगाकर उन्हें पद से हटा सकें.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने शुक्रवार को कहा है कि जो भी सरकार बनेगी वे उसका समर्थन करेंगे बशर्ते कि वह देश में अस्थिरता को बढ़ावा न दे.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने समाचार एजेंसी रायटर्स से कहा है कि "अगर शांति कायम रहती है तो मैं गठबंधन सरकार को पूरा समर्थन दूँगा."

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ कियानी ने राष्ट्रपति और बहुमत वाले गठबंधन से अनुरोध किया है कि वे मिल-जुलकर काम करें.

जनरल कियानी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि "सेना राजनीतिक प्रक्रिया से अलग रहेगी".

उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद कहा है कि "सेना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के समर्थन में है और वह निर्वाचित सरकार का साथ देगी".

ख़तरा

पाकिस्तान की 342 सीटों वाली राष्ट्रीय संसद (नेशनल एसेंबली) में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के पास 120 सीटें हैं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-नवाज़) दूसरे नंबर पर है, उसे कुल 90 सीटें मिली हैं.

पीएमएल-नवाज़ और पीपीपी अगर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को उनके पद से हटाना चाहें तो उनके पास इसके लिए ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं है लेकिन संसद में वे काफ़ी मज़बूत स्थिति में होंगे.

गठबंधन के दोनों बड़े साझीदारों ने धमकी दी है कि वे राष्ट्रपति के अधिकारों में कटौती चाहते हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनका तात्पर्य क्या है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने अभी तक प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.