गुरुवार, 06 मार्च, 2008 को 12:11 GMT तक के समाचार
केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार को बाहर से समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियों ने अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर 15 मार्च को समन्वय समिति की आपात बैठक बुलाने की मांग की है.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी को पत्र लिखकर ये मांग की है.
प्रणव मुखर्जी परमाणु समझौते के मुद्दे पर सहयोगी पार्टियों के साथ बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. दूसरी ओर अमरीका ये ज़ोर दे रहा है कि मई तक भारत इस परमाणु समझौते पर अपना रुख़ स्पष्ट करे.
बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से अपील की थी कि वे इस मामले में पहल करें.
स्पष्ट करें रुख़
प्रधानमंत्री के बयान के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और समन्वय समिति के सदस्य डी राजा ने प्रकाश करात से मुलाक़ात की और सरकार से उसका रुख़ स्पष्ट करने और विचार विमर्श के लिए समन्वय समिति की बैठक बुलाने पर चर्चा की.
अमरीका के इस बयान के बाद कि 123 समझौता मई तक अमरीकी कांग्रेस के पास भेजा जाना है, वामपंथी दल इस पर जल्दी से जल्दी विचार विमर्श करना चाहते हैं.
वैसे केंद्र सरकार के लिए मार्च के अंत तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा प्राधिकरण के साथ समझौते को पूरा करना है. ताकि वह परमाणु ईंधन की आपूर्ति करने वाले न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप के पास छूट के लिए जा सके.
एक वरिष्ठ वामपंथी नेता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "अमरीका ने सरकार के लिए समयसीमा निर्धारित की है. अब वामपंथी दल भी सरकार के लिए समयसीमा निर्धारित करेंगे. समन्वय समिति की बैठक काफ़ी अहम होगी."