http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 04 मार्च, 2008 को 17:14 GMT तक के समाचार

परमाणु संधि पर चर्चा फिर गर्माई

भारत दौरे पर आए अमरीकी सहायक विदेश उप मंत्री रिचर्ड बाउचर ने कहा है कि परमाणु समझौते के अमल में 'हाइड एक्ट' को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.

प्रस्तावित असैनिक परमाणु समझौते पर भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से चर्चा करने के बाद रिचर्ड बाउचर ने पत्रकारों से कहा, "हाइड एक्ट अमरीका का आंतरिक क़ानून है और 1-2-3 समझौता अंतरराष्ट्रीय समझौता है. मेरा मानना है कि हम दोनों पर साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं."

उधर वाशिंगटन में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉम केसी ने कहा है कि भारत को इस समझौते से संबंधित आंतरिक मुद्दों को निपटाने के लिए और समय मिलना चाहिए.

उनका कहना था, "हम इस समझौते को अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचाना चाहते हैं. हमारा मानना है कि ये भारत, अमरीका और परमाणु अप्रसार की कोशिशों के लिए बेहतर होगा. लेकिन भारत सरकार को आंतरिक राजनीतिक मुद्दों को सुलझाना है और उन्हें इसका मौका मिलना चाहिए."

बयान

अमरीकी सरकार ने भारत से परमाणु समझौता करने के लिए हेनरी हाइड एक्ट को आधार बनाया था.

इस क़ानून में प्रावधान है कि अमरीका जिस किसी देश के साथ परमाणु समझौता करेगा वह परमाणु परीक्षण नहीं करेगा.

इसी मुद्दे को लेकर भारत में विपक्षी दल और केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दल अपना विरोध प्रकट करते रहे हैं.

मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कहना है कि हाइड एक्ट के मुताबिक परमाणु परीक्षण करने का भारत का अधिकार ख़त्म हो जाएगा.

विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पिछले दिनों संसद में कहा था कि परमाणु समझौते का क्रियान्वयन 1-2-3 समझौते से होगा और हाइड एक्ट की बंदिशें भारत पर लागू नहीं होंगी.