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बुधवार, 27 फ़रवरी, 2008 को 22:03 GMT तक के समाचार

ख़ालिदा ज़िया के ख़िलाफ़ नए आरोप तय

पहले से ही भ्रष्टाचार के कुछ मामलों का आरोप झेल रही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया के लिए अब स्थिति और जटिल होती जा रही है.

देश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने फिलहाल हिरासत में रखी गईं ख़ालिदा ज़िया पर भ्रष्टाचार के कुछ दूसरे मामलों में भी लिप्त होने का आरोप लगाया है.

ये आरोप वर्ष 2004 में उत्तरी बांग्लादेश की कोयले की एक खदान के ठेके से संबंधित हैं जिसका नियंत्रण एक चीनी कंपनी को सौंप दिया गया था.

आयोग का कहना है कि इस समझौते को ख़ालिदा ज़िया ने ही स्वीकृति दी थी जो उस वक्त देश की प्रधानमंत्री थीं.

आयोग ने अपनी ओर से तय किए गए आरोप में कहा है कि ख़ालिदा ज़िया और उनके मंत्रियों के इस क़दम से क़रीब दो करोड़, 30 लाख डॉलर का नुकसान हुआ था.

इन आरोपों के दायरे में ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा जमात-ए-इस्लामी के नेता भी आ रहे हैं.

राजनीतिक पशोपेश

पर दोनों दलों की ओर से इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया है कि आयोग की ओर से लगाए जा रहे ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

ग़ौरतलब है कि ख़ालिदा ज़िया इन दिनों हिरासत में हैं और उनपर दो मामलों में रिश्वत लेने के आरोप पहले से ही लगे हुए हैं. हालांकि वो इन आरोपों की सच्चाई से साथ इनकार करती हैं.

वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधाननमंत्री शेख हसीना भी पिछले वर्ष जुलाई से हिरासत में हैं और उनपर भी अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है.

बांग्लादेश पिछले एक वर्ष से राजनीतिक संकट के दौर से गुज़र रहा है. पिछले एक वर्ष से वहाँ आपातकाल लगा हुआ है और चुनाव नहीं हो पा रहे हैं.

हालांकि कार्यवाहक सैन्य शासन का कहना है कि इस वर्ष के अंत तक वहाँ चुनाव करवाए जाएंगे और अगर ऐसा होता है तो सामान्य स्थितियों में इन दोनों शीर्ष नेताओं की भूमिका काफी अहम होगी.

पर जानकारों का कहना है कि अगर उनपर ये आरोप साबित होते हैं तो सत्ता की लड़ाई में उनका रास्ता बंद नज़र आ सकता है.