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बुधवार, 27 फ़रवरी, 2008 को 12:36 GMT तक के समाचार

बड़े पैमाने पर सहयोग चाहता है अमरीका

भारत दौरे पर आए अमरीका के रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि वे सिर्फ़ सैनिक साज़ोसामान का सौदा पक्का करने नहीं आए हैं.

उन्होंने कहा कि अमरीका भारत के साथ बड़े पैमाने पर सैन्य सहयोग का इच्छुक है.

भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाने के मुद्दे पर अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि इसका मकसद ये नहीं है कि किसी तीसरे देश, ख़ासकर चीन के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला जाए.

भारत बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान खरीदना चाहता है और कई अमरीकी कंपनियाँ ये विमान बेचने के लिए तैयार हैं.

रॉबर्ट गेट्स की इस यात्रा को काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाक़ात की थी और बुधवार को वे भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी से मिले.

'जनता तय करे'

रॉबर्ट गेट्स ने पाकिस्तान के बारे में कहा कि वहाँ हुए चुनाव के परिणाम स्पष्ट तौर पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के लिए नकारात्मक रहे हैं.

पाकिस्तान में हुए चुनाव में विपक्षी पार्टियों ने ज़्यादातर सीटें जीती हैं और परवेज़ मुशर्रफ़ का समर्थन करने वाली पार्टी का प्रदर्शन ख़राब रहा है.

लेकिन साथ ही अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि परवेज़ मुशर्रफ़ पाकिस्तान के चुने हुए राष्ट्रपति हैं और अमरीका उनके साथ काम करता रहेगा.

रॉबर्ट गेट्स का कहना था कि ये पाकिस्तान के लोगों पर निर्भर करता है कि भविष्य में वहाँ राष्ट्रपति की क्या भूमिका रहने वाली है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बनने वाली नई सरकार को अफ़ग़ान सीमा के पास तालेबान समर्थक विद्रोहियों से बातचीत करने को लेकर चौकस रहना होगा.

रॉबर्ट गेट्स का कहना था कि जब कोई सरकार सत्ता में आती है और उस पर ज़िम्मेदारी होती है और देश में विद्रोही और अल क़ायदा सक्रिय हो, तो सरकार को सच्चाई का सामना करना पड़ेगा.

उन्होंने कहा, "परवेज़ मुशर्रफ़ की सरकार ने भी वज़ीरिस्तान में समझौता करने की कोशिश की पर बात बनी नहीं. पाकिस्तान की नई सरकार को शायद इस अनुभव से ख़ुद ही गुज़रना होगा."