मंगलवार, 26 फ़रवरी, 2008 को 20:05 GMT तक के समाचार
दो बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके नवाज़ शरीफ़ अब वतन वापसी के बाद दोबारा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं.
नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पीएमएलएन यानी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया है कि अगले उपचुनावों में नवाज़ भी प्रत्याशी के तौर पर लोगों से वोट मांगेंगे.
पाकिस्तान में 18 फरवरी को ही आम चुनाव संपन्न हुए हैं और इन चुनावों में नवाज़ की पार्टी दूसरे सबसे बड़े धड़े के तौर पर उभरी है.
पर नवाज़ ने ख़ुद इन चुनावों में हिस्सा नहीं लिया था और वो संसद के सदस्य निर्वाचित नहीं हो सके हैं. यही स्थिति उनके भाई के साथ भी है.
पार्टी प्रवक्ता फ़ारूक़ सिद्दिकी ने एक समाचार एजेंसी को बताया है कि नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ आगामी उपचुनावों में प्रस्याशी के तौर पर उतरेंगे.
फिलहाल नवाज़ इस चुनाव में सबसे मज़बूत स्थिति में रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के साथ एक मिलकर सरकार बनाने के रास्ते पर हैं.
नवाज़ इससे पहले दो बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति पाकिस्तान में दो ही बार प्रधानमंत्री बन चुका है.
जानकारों के मुताबिक यही वजह है कि सत्ता के ताज़ा समीकरणों में निर्णायक स्थिति में आने के बाद अब नवाज़ की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा फिर से मज़बूत हो रही है.
रास्ते की अड़चन
नवाज़ पिछले दिनों से यह माँग दोहरा रहे हैं कि प्रधानमंत्री बनने के अवसरों को दो बार तक के लिए ही सीमित करने वाला नियम भंग किया जाए.
पर नियमों में बदलाव होने की स्थिति में भी नवाज़ प्रधानमंत्री बन पाएं, इसके लिए ज़रूरी होगा कि वो संसद के निर्वाचित सदस्य भी हों.
इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नवाज़ शरीफ़ ने अब उपचुनाव में हिस्सा लेने का मन बनाया है.
उधर पीपीपी की ओर से पार्टी उपाध्यक्ष मक़दूम अमीन फ़हीम का नाम प्रधानमंत्री के तौर पर सामने आ सकता है.
बेनज़ीर के पति आसिफ़ अली ज़रदारी भी चुनाव नहीं लड़े थे इसलिए संसद की सदस्यता के बिना उनके लिए भी प्रधानमंत्री बनना संभव नहीं है.
आम चुनावों में पीपीपी को 87 और पीएमएलएन को 66 सीटें मिली हैं.