http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 25 फ़रवरी, 2008 को 15:55 GMT तक के समाचार

तालेबान के निशाने पर मोबाइल कंपनियां

अफ़गानिस्तान में तालेबान ने मोबाइल फोन कंपनियों को रात में सिग्नल बंद न करने पर पूरे इलाक़े में इस संचार सुविधा को उड़ाने की धमकी दी है.

तालेबान का कहना है कि अमरीका और अन्य विदेशी सैन्य दल इन मोबाइल सिग्नलों का इस्तेमाल विद्रोहियों को पकड़ने के लिए कर रही हैं.

चरमपंथियों ने इससे पहले भी मोबाइल कंपनियों पर अमरीका और अन्य सैनिक दलों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया था.

तालेबान ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे इलाक़े में मोबाइल कंपनियों और इनके प्रचार उपकरणों को नष्ट कर दिया जाऐगा.

मोबाइल फोन सेवा का चलन.

ग़ौरतलब है कि अफ़गानिस्तान में मोबाइल फ़ोन की सुविधा वर्ष 2001 में तब शुरू हुईं थीं जब तालेबान के नेतृत्व वाली सरकार का पतन हुआ था.

तब से लेकर अब तक यह संचार का एक बेहद लोकप्रिय माध्यम बनी हुईं हैं.

तालेबान प्रवक्ता ज़ुबिउल्लाह मुज़ाहिद ने कहा, "अगर वो कंपनियां अपने सिग्नल तीन दिन के अंदर बंद नहीं करती हैं तो तालेबान उनके टॉवर और कार्यालयों पर हमला बोल देंगें."

तालेबान ने अफ़गानिस्तान की चार मोबाइल कंपनियों को रात्रि सिग्नलों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय समयानुसार पांच बजे से लेकर अगले दिन सुबह तीन बजे तक की मोहलत दी है.

लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के संचार विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीकी सेना उपग्रहों की मदद से मोबाइल सिग्नलों को पकड़ रही है.

और इस काम में उसे फ़ोन कंपनियों की किसी भी तरह की सहायता की ज़रूरत नहीं है.