बुधवार, 20 फ़रवरी, 2008 को 20:06 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी ने खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर कर लिया है.
ज़रदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पीपीपी को चुनावों में काफ़ी सीटें मिली हैं लेकिन इसके बावजूद ज़रदारी ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे.
ज़रदारी का कहना था कि उनकी पार्टी जल्दी ही अपना उम्मीदवार चुनेगी जो गठबंधन सरकार की अगुआई करेगा. पीपीपी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग ( नवाज़) ने मिलकर सरकार बनाने की घोषणा की है.
इससे पहले राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्तीफ़ा देने की संभावनाओं को ख़ारिज़ कर दिया और कहा कि देश में बातचीत और सुलह सफाई का माहौल बनना चाहिए.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से जारी एक वक्तव्य में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को कहते हुए बताया गया है कि इन चुनावों से देश में उदारवादी ताक़तें मज़बूत हुई हैं.
पाकिस्तान की राजनीति में ज़रदारी की छवि बहुत अच्छी नहीं रही है. उन्होंने अपने जीवन के कई साल भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बिताए हैं. वो सांसद नहीं हैं जिसके कारण वो इस समय प्रधानमंत्री बनने के योग्य भी नहीं हो सकते.
हालांकि ऐसी ख़बरें भी थीं कि वो उपचुनाव के ज़रिए सांसद बन कर इस बाधा को दूर कर लेंगे.
प्रधानमंत्री पद से खुद को दूर करने का ज़रदारी का फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब विभिन्न दलों के बीच सरकार बनाने के लिए कोशिशें तेज़ हो गई हैं.
चुनाव के बाद पीपीपी और पीएमएल नवाज दो बड़े राजनीतिक दलों के तौर पर उभरे हैं.
दोनों ही दलों के नेताओं के बीच गुरुवार को मुलाक़ात होनी है और संवाददाताओं का कहना है कि दोनों के बीच समझौता होने की संभावना अधिक है क्योंकि दोनों को मिलाकर संसद की आधी से अधिक सीटें हैं.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के समर्थन वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग ( क्यू) को चुनावों में क़रारी हार मिली है और संवाददाताओं का कहना है कि राष्ट्रपति की स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती.
ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर नए गठबंधन को संसद में दो तिहाई बहुमत मिल जाता है तो यह राष्ट्रपति के ख़िलाफ महाभियोग की मांग कर सकता है.
ज़रदारी ने पेशावर में पत्रकारों से यह भी कहा कि उनकी पार्टी सिंध में मुशर्रफ़ के समर्थन वाली पीएमएमल क्यू के साथ भी समझौता कर सकती है.