बुधवार, 20 फ़रवरी, 2008 को 18:46 GMT तक के समाचार
अमरीका ने चेतावनी दी है कि भारत को जुलाई महीने तक परमाणु सौदे को अंतिम रुप देना होगा तभी अमरीका में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले इसे मंज़ूरी मिल सकती है.
अमरीका और भारत के बीच हुई परमाणु संधि भारत में वाम दलों के विरोध के कारण अधर में अटकी हुई है.
अमरीका के तीन डेमोक्रेट सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में चुनावों का पर्यवेक्षण करने के बाद भारत आया हुआ है.
इस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जोसेफ बीदेन ने कहा ' अगर हमारे पास जुलाई महीने के अंत तक परमाणु सौदे का अंतिम प्रारुप नहीं होगा तो हम राष्ट्रपति चुनावों से पहले इसका अनुमोदन करने में असमर्थ होंगे.'
उन्होंने भारत से जल्दी से जल्दी सौदे को अंतिम रुप देने की अपील करते हुए कहा कि समय बहुत कम है.
उनका कहना था कि जुलाई के बाद राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी और ऐसे में सौदे को अनुमोदित करना मुश्किल होगा.
बीदेन का कहना था कि नए राष्ट्रपति के पास इस सौदे पर अपनी मुहर लगाने अधिकार नहीं होगा क्योंकि ये कांग्रेस के समक्ष नहीं पेश किया गया है.
बीदेन ने कहा ' यह बहुत महत्वपूर्ण है कि अगर भारत ये सौदा चाहता है तो उसे जल्दी ही कुछ करना होगा. '
इस मुद्दे पर तीनों प्रतिनिधि बीदेन, जॉन कैरी और चक हेगल ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाक़ात की और अपनी चिंताओं से अवगत कराया है.
समझौते के तहत भारत को अमरीकी परमाणु प्रौद्योगिकी से जुड़ी विशेष जानकारी मिलेगी जबकि भारत के कुछ परमाणु संस्थान निरीक्षण के लिए खुलेंगे.
इस सौदे को संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की भी सहमति चाहिए और साथ ही न्यूकलियर सप्लायर्स ग्रुप की अनुमति भी.