मंगलवार, 19 फ़रवरी, 2008 को 15:16 GMT तक के समाचार
श्याम सुंदर
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत की नज़र में पाकिस्तान में किस पार्टी की सरकार ज्यादा उपयुक्त होगी- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी या फिर मुस्लिम लीग (नवाज़) की या कोई गठबंधन की सरकार?
इस सवाल पर भारत की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों की राय एक है.
भारत की राजनीतिक सोच के अनुसार पाकिस्तान में एक चुनी हुई सरकार और राजनीतिक स्थायित्व भारत के हक़ में है.
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता शकील अहमद कहते हैं, " पाकिस्तान के लोगों ने जिसे चाहा है उसे चुना है और भविष्य में भी वे ऐसा करेंगें, एक लोकतांत्रिक पाकिस्तान कांग्रेस और भारत के लिए फ़ायदेमंद है."
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में विदेश मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा पाकिस्तान में मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं लेकिन मानते हैं कि वहाँ लोकतंत्र की तरफ़ बढ़ा कोई भी क़दम स्वागत योग्य है.
'लोकतांत्रिक सरकार'
वे कहते हैं, " हमारी नीति रही है कि कोई भी सरकार हो, हम पाकिस्तान के साथ डील करेंगें. लेकिन हमारा अनुभव कहता है कि लोकतांत्रिक सरकार के साथ हम ज्यादा सहज महसूस करेंगे."
केंद्र में मनमोहन की सरकार को बाहर से समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियों की राय भी लगभग यही है. हालांकि वामपंथी नेता कहते है कि पाकिस्तान में कोई भी सरकार आए उसे ये समझना होग कि उसे ऐसी विदेश नीति अपनानी पड़ेगी जिससे शांति क़ायम हो.
वामपंथी नेता अतुल अनजान कहते हैं. " पाकिस्तान के अंदर राजनीतिक पार्टियाँ या तो हिंदुस्तान के साथ रिश्तों को लेकर या अमरिका के साथ रिश्तों को लेकर आवाम को उलझन में डालती हैं. यह अब देश के स्थायित्व को बरकरार करने में नाकाफ़ी लगते हैं."