सोमवार, 18 फ़रवरी, 2008 को 23:39 GMT तक के समाचार
अमरीकी सैन्य फ़र्म लॉकहीड मार्टिन को भारत सरकार से छह सुपर हर्क्युलिस सी-130 जे सैन्य मालवाहक विमानों का ऑर्डर मिला है.
इन विमानों की संयुक्त क़ीमत 40 अरब रुपए के क़रीब होगी.
इस सौदे पर जनवरी में सहमति बनी थी लेकिन इसकी ख़बर दिल्ली में चल रहे दक्षिण एशिया के सबसे बड़े सैन्य मेले के दौरान मिली है.
इस मेले में दुनिया भर के कई हथियार बनाने वाली कंपनियाँ भाग ले रही हैं और उनकी नज़र भारत के लगातार बढ़ रहे सैन्य बजट पर है.
भारत के पास सोवियत संघ के ज़माने के हथियारों का ज़खीरा है और वह चाहता है कि जल्दी से जल्दी इसे आधुनिक कर लिया जाए.
शीत युद्ध के दिनों में भारत ने रुसी सेना के उपकरणों पर भरोसा किया था और अब तक इसके बेड़े में कोई अमरीकी युद्धक विमान नहीं है.
भारतीय वायुसेना के पास अब तक रुस में बने मिग विमान हैं, ब्रितानी जगुआर हैं और फ़्रांसीसी मिराज हैं.
उल्लेखनीय है कि लॉकहीड दुनिया का सबसे बड़े सैन्य व्यावसायिक फ़र्म है.
बहुपयोगी लड़ाकू विमान के 1.2 करोड़ से 12.6 करोड़ तक का ऑर्डर पाने के लिए इसका मुक़ाबला रूसी और यूरोपीय संस्थानों से है.
पिछले सत्पाह के अंत में इलराइली सरकारी एयरोस्पेस एजेंसी और टाटा में राडार और इलेक्ट्रोनिक उपकरण बनाने के लिए एक साझा उद्यम क़ायम करने का फ़ैसला किया है.
रुस के बाद इसराइल भारत को दूसरा बड़ा सैन्य आपूर्तिकर्ता है. फ़्रांस तीसरे क्रम पर है.