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रविवार, 17 फ़रवरी, 2008 को 15:56 GMT तक के समाचार

राजेश जोशी
बीबीसी संवाददाता, लाहौर से

'पाकिस्तान के नाम से ही नाराज़ हैं लोग'

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के संयुक्त अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि पाकिस्तान के बहुत सारे इलाक़ों में लोग पाकिस्तान के नाम से ही नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि बलोचिस्तान, सिंध, सूबा सरहद और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के लोगों को उनकी पार्टी साथ लेकर चलना चाहती है.

लाहौर में बीबीसी से ख़ास बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "बलूचिस्तान में लोग पाकिस्तान से नाराज़ हैं, सिंध में लोग पाकिस्तान से नाराज़ है, फ़्रॉंटियर में लोग पाकिस्तान से नाराज़ हैं... हम इन सबको साथ लाना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि वो इन रूठे हुए लोगों को साथ लाने की कोशिश करेंगे.

लाहौर के एक आलीशान महलनुमा बंगले में भारी हथियारों से लैस सुरक्षा गार्डों से घिरे ज़रदारी ने कहा है कि चुनाव के बाद अगर पार्टी ने इजाज़त दी तो राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बातचीत की जाएगी.

उन्होंने कहा कि मुशर्रफ़ के साथ मिलकर काम करने के बारे में तभी फ़ैसला किया जाएगा जब वो मौक़ा आएगा.

न्यायपालिका पर ख़ामोशी

शनिवार को ज़रदारी ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात की और बाद में बीबीसी को बताया कि अगर पीपुल्स पार्टी को दो तिहाई बहुमत मिला तब भी नवाज़ शरीफ़ की पार्टी और दूसरी पार्टियों को साथ लेकर चला जाएगा.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने कहा है कि सरकार में आने पर पाकिस्तान को एक संघीय देश बनाने और राज्यों को स्वायत्तता दी जाएगी.

जब उनसे पूछा गया कि अदालतों को बहाल करने के मुद्दे पर उनकी ख़ामोशी को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की मदद के तौर पर देखा जा रहा है, तो उन्होंने कहा जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्होंने 'मेरी तरह जेल नहीं काटी है.'

कश्मीर पर राय

उन्होंने कहा कि पार्टी के जीतने पर ही प्रधानमंत्री का नाम तय किया जाएगा.

ज़रदारी का कहना है कि अभी उन्हें बहुत राजनीति करनी है इसलिए वो प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते.

कश्मीर मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान असहमत होने पर सहमत हो सकते हैं और व्यापार जैसे दूसरे मुद्दों को आगे बढ़ा सकते हैं.

उन्होंने कहा भारत कश्मीर का अपना हिस्सा अपने पास रखे और पाकिस्तान अपना हिस्सा रखे. लेकिन उसके अलावा व्यापार और दूसरे संबंधों की बात आगे बढ़ाई जानी चाहिए.