रविवार, 17 फ़रवरी, 2008 को 11:41 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के कंधार शहर में हुए एक बड़े आत्मघाती धमाके में कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई है. इस धमाके को वर्ष 2001 के बाद से सबसे बड़ा धमाका माना जा रहा है.
धमाका उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में लोग कुत्तों की लड़ाई की एक प्रतियोगिता देख रहे थे.
प्रांत के गवर्नर असदुल्लाह ख़ालिद ने पत्रकारों को बताया, "60 लोगों के शव अस्पताल लाए गए हैं जबकि 20 अन्य लोगों के शव घटनास्थल से ले जाए जा रहे हैं."
उन्होंने तालेबान को इस आत्मघाती हमले का ज़िम्मेदार ठहराया है. लेकिन तालेबान ने अभी तक धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता जॉन ब्रेन का कहना है कि जिस तरह हमला किया गया है, उससे इसके पीछे तालेबान का हाथ होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
हमला
जॉन ब्रेन का कहना है कि इस इलाक़े में तालेबान की उपस्थिति अच्छी ख़ासी है. पिछले सप्ताह कंधार के गवर्नर पर भी जानलेवा हमला किया गया था.
जानकारों की मानें तो तालेबान के सत्ता से हटने के बाद वर्ष 2007 में हिंसा की सबसे ज़्यादा घटनाएँ हुई. कुत्तों की लड़ाई वाली प्रतियोगिता अफ़ग़ानिस्तान में काफ़ी लोकप्रिय है लेकिन तालेबान के शासनकाल में इस पर पाबंदी लगाई गई थी.
कंधार में जिस समय ये धमाका हुआ, उस समय क़रीब 300 लोग इस प्रतियोगिता को देखने के लिए इकट्ठा हुए थे. माना जा रहा है कि इस धमाके का निशाना क़बायली नेता थे.
एक प्रत्यक्षदर्शी अब्दुल क़रीम ने बताया, "अभी कुत्तों की लड़ाई शुरू ही हुई थी कि मैंने एक ज़ोर का धमाका सुना. उसके बाद मैंने बड़ी संख्या में लोगों को मृत देखा और बड़ी संख्या में लोग घायल थे और कराह रहे थे."