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शनिवार, 16 फ़रवरी, 2008 को 15:57 GMT तक के समाचार

संदीप साहू
भुवनेश्वर से

नक्सलियों की तलाश में हेलीकॉप्टर

उड़ीसा में नक्सली हमले में 13 पुलिस वालों की मौत के बाद हमलावरों की तलाश में जुटी राज्य पुलिस को केंद्रीय बलों के साथ ही वायुसेना की भी मदद दी जा रही है.

नक्सलियों की तलाश में राज्य पुलिस, विशेष अभियान दल और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) की छह कंपनियों के जवान लगे हैं.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आग्रह पर वायुसेना ने तलाशी अभियान में मदद के लिए दो हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराए हैं.

पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड और आंध्र प्रदेश से लगी उड़ीसा की सीमाओं को सील कर दिया गया है.

ख़बर है कि कंधमाल में चक्कपाड़ के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच झड़प चल रही है.

नक्सली हमले पर शनिवार को राज्य विधानसभा में भारी हंगामा हुआ.

विधानसभा में पटनायक ने मारे गए लोगों को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

मृतक जवानों के परिवारों को दस-दस लाख़ रुपए की बीमा राशि भी दी जाएगी.

हमला जिस इलाक़े में हुआ है वह आमतौर पर नक्सल प्रभावित नहीं माना जाता रहा है इसलिए राज्य सरकार इस हमले से सकते में आ गई है और उसने नक्सलियों से निबटने के लिए केंद्र से विशेष तौर पर प्रशिक्षित 'ग्रे हाउंड फ़ोर्स' की माँग की है.

'निशाने पर रहे पुलिस ठिकाने'

राज्य के नयागढ़ ज़िले में शुक्रवार की रात नक्सलियों के हमले में 13 पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग मारे गए थे.

पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने नयागढ़ के पुलिस शस्त्रागार, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र और पुलिस थाने पर रात लगभग 11 बजे से लेकर एक बजे तक लगातार गोलीबारी की.

माओवादी बक़ायदा अपने साथ एक बस लाए थे जिसमें वो शस्त्रागार से लूटे गए हथियार लाद कर ले गए.

नयागढ़ के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सैंकड़ों नक्सलियों के सशस्त्र दस्ते ने अचानक धावा बोल दिया जिससे पुलिसकर्मियों को संभलने का ज़्यादा मौक़ा नहीं मिल सका.

पुलिस का कहना है कि नक्सलियों के दस्ते में महिलाएँ भी शामिल थीं.

हालाँकि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन अभी तक किसी नक्सली के मारे जाने की सूचना नहीं मिली है.

इस गोलीबारी में एक निर्दोष व्यक्ति की भी मौत हो गई.

'नहीं थी हमले की आशंका'

पहली घटना में रात लगभग 11 बजे स्वचालित हथियारों से लैस नक्सलियों ने नयागढ़ थाने पर हमला बोला और वहाँ छह पुलिसकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी.

पहले बमों से ज़ोरदार हमला किया गया. जब तक वहाँ तैनात पुलिस जवान मोर्चा लेते तब तक थाने के बगल में स्थित शस्त्रागार पर हमला कर वहां से हथियार और विस्फ़ोटक लूट लिए.

शस्त्रागार पर हुए हमले में चार पुलिसकर्मी मारे गए. इसके बाद पुलिस प्रशिक्षण स्कूल माओवादियों का अगला निशाना बना जहाँ दो पुलिसकर्मी मारे गए.

लगभग इसी समय एक अन्य घटना में नक्सलियों ने ज़िला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर दसतल्ला के नौगाँव थाने और माहीपुर थाने पर बम फेंके और चार पुलिस थानों में आग लगा दी.

हमले से पहले माओवादियों ने लाउडस्पीकर से अपील की कि लोग बत्ती बंद कर घरों में चले जाएँ. माओवादी कह रहे थे कि वो सिर्फ़ पुलिसकर्मियों को निशाना बनाएंगे.

राज्य के पुलिस महानिदेशक गोपाल नंदा शनिवार तड़के नयागढ़ पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया.

उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस को इस तरह के हमले की भनक नहीं थी इसलिए इतनी बड़ी घटना हो गई. डीजीपी ने कहा कि पुलिस इस कार्रवाई का कड़ा जवाब देगी.

नंदा ने कहा, "कभी उनकी जीत होती है तो कभी पुलिस भारी पड़ती है."

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के अतिरिक्त महानिदेशक एनआर दास तलाशी अभियान का समन्वय कर रहे हैं.