शनिवार, 16 फ़रवरी, 2008 को 11:24 GMT तक के समाचार
संदीप साहू
भुवनेश्वर से
उड़ीसा पुलिस ने कहा है कि नयागढ़ ज़िले में नक्सलियों के हमले में 13 पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग मारे गए हैं.
पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने शुक्रवार रात को ज़िले के मुख्य पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया.
पुलिस का कहना है कि माओवादी विद्रोहियों ने नयागढ़ के पुलिस शस्त्रागार, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र और पुलिस थाने पर रात लगभग 11 बजे से लेकर एक बजे तक लगातार गोलीबारी की.
माओवादी बक़ायदा अपने साथ एक बस लाए थे जिसमें वो शस्त्रागार से लूटे गए हथियार लाद कर चले गए.
नयागढ़ के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सैंकड़ों नक्सलियों के हथियारबंद दस्ते ने अचानक धावा बोल दिया जिससे पुलिसकर्मियों को संभलने का ज़्यादा मौक़ा नहीं मिल सका.
पुलिस का कहना है कि नक्सलियों के दस्ते में महिलाएँ भी शामिल थीं.
हालाँकि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की लेकिन अभी तक किसी नक्सली के मारे जाने की सूचना नहीं मिली है.
इस गोलीबारी में एक निर्दोष व्यक्ति की भी मौत हो गई.
हमले
पहली घटना में रात लगभग 11 बजे स्वचालित हथियारों से लैस नक्सलियों ने नयागढ़ थाने पर हमला बोल दिया और वहाँ छह पुलिसकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी.
पहले बमों से ज़ोरदार हमला किया गया. जब तक वहाँ तैनात पुलिस जवान मोर्चा लेते तब तक थाने के बगल में स्थित शस्त्रागार पर हमला कर वहां से हथियार और विस्फोटक लूट लिए.
शस्त्रागार पर हुए हमले में चार पुलिसकर्मी मारे गए. इसके बाद पुलिस प्रशिक्षण स्कूल माओवादियों का अगला निशाना बना जहाँ दो पुलिसकर्मी मारे गए.
लगभग इसी समय एक अन्य घटना में नक्सलियों ने ज़िला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर दसतल्ला के नौगाँव थाने और माहीपुर थाने पर बम फेंके और चार पुलिस थानों में आग लगा दी.
हमला करने से पहले माओवादियों ने लाउडस्पीकर से अपील की कि लोग बत्ती बंद कर घरों में चले जाएँ. माओवादी कह रहे थे कि वो सिर्फ़ पुलिसकर्मियों को निशाना बनाएंगे.
राज्य के पुलिस महानिदेशक गोपाल नंदा शनिवार तड़के नयागढ़ पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया.
उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस को इस तरह के हमले की भनक तक नहीं थी. डीजीपी ने कहा कि पुलिस इस कार्रवाई का कड़ा जवाब देगी.
माओवादियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान छेड़ा गया है और अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जा रहे हैं.