शुक्रवार, 15 फ़रवरी, 2008 को 06:09 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि महँगाई नियंत्रण में रखना उनकी प्राथमिकता है.
वाणिज्य और उद्योग संगठन फिक्की की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी तबके को शिक्षा सुलभ कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
मनमोहन सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब अमरीका में आर्थिक मंदी की आशंका का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर भारत पर उतना नहीं पड़ेगा. उनका कहना था, "हम नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल करने में सक्षम हैं."
उनका कहना था, "मंदी को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई जा रही है. हमें इसे ध्यान में रखने की ज़रूरत है और इसका असर कम हो इसके लिए हम क़दम उठाएंगे."
प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ऐसा कोई कारण नज़र नहीं आता कि हम वैश्विक मंदी के बावजूद नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल न कर पाएं."
महँगाई
महँगाई के बारे में उनका कहना था, "मुझे पता है कि आप लोगों में से कुछ इस बात से खुश नहीं हैं कि हम महँगाई को काबू में रखने पर ज़ोर दे रहे हैं. कुछ संपादकीय ऐसे आए हैं कि विकास को दरकिनार कर महँगाई नियंत्रित करने की कोशिश हो रही है."
वो कहते हैं, "महँगाई गरीबों पर ज़्यादा असर डालती है. इसलिए ये ज़रूरी है कि हम ये सुनिश्चित करें कि बढ़ती महँगाई से गरीब लोग प्रभावित न हों. यह सामाजिक प्राथमिकता का विषय है."
दिसंबर 2007 के आँकड़ों के मुताबिक भारत में औद्योगिक उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है.
इसके साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक के सामने महँगाई को नियंत्रण में रखना बड़ी चुनौती है.
जनवरी के आँकड़ों के मुताबिक महँगाई दर चार फ़ीसदी को पार कर गई है. हालाँकि यह रिजर्व बैंक के अधिकतम साढ़े पाँच फ़ीसदी के लक्ष्य से अभी कम है.