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शुक्रवार, 15 फ़रवरी, 2008 को 14:58 GMT तक के समाचार

'पंजाब में सिख अल्पसंख्यक नहीं'

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस फ़ैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है जिसमें कहा गया था कि पंजाब में सिख समुदाय के लोग अल्पसंख्यक नहीं हैं.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले साहिल मित्तल को शुक्रवार को नोटिस जारी किया है.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी ने सिखों को आरक्षण के मामले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर, 2001 को साहिल मित्तल की याचिका पर फ़ैसला दिया था कि राज्य में एसजीपीसी के चलाए जा रहे स्कूलों में एडमिशन के लिए 50 फ़ीसदी सीटें, सिख समुदाय के छात्रों के लिए आरक्षित रखना न्यायसंगत नहीं है.

जनगणना के आधार पर

हाईकोर्ट ने ये फ़ैसला 2001 की जनगणना के आधार पर दिया जिसके अनुसार राज्य में 59.2 प्रतिशत लोग सिख समुदाय के हैं और 37 प्रतिशत हिंदू हैं. इसलिए सिख अल्पसंख्यक नहीं हैं.

जबकि पंजाब सरकार की 13 अप्रैल 2001 की अधिसूचना के आधार पर सिख संस्थानों में सिख समुदाय के लिए 50 फ़ीसदी सीटें आरक्षित हैं.

उच्च न्यायालय ने अल्पसंख्यको के मामले पर ये फ़ैसला राज्य की जनगणना के आधार पर दिया था.