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गुरुवार, 14 फ़रवरी, 2008 को 04:11 GMT तक के समाचार

बेनज़ीर हत्या जाँच में अहम प्रगति

पुलिस का कहना है कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में गिरफ़्तार दो लोगों ने हमलावरों को मदद देने की बात क़बूल की है.

जाँच टीम के प्रमुख चौधरी अब्दुल मजीद ने बताया कि दोनों संदिग्धों ने हमलावर बिलाल को बम बाँधने के लिए बेल्ट और पिस्तौल देने की बात कही है.

उन्होंने बताया गिरफ़्तार किए गए दोनों संदिग्धों हसनान गुल और रुफ़ुकत ने रावलपिंडी में मजिस्ट्रेट के सामने अपना अपराध क़बूल किया.

पिछले हफ़्ते स्कॉटलैंड यार्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बेनज़ीर की मौत गोली लगने से नहीं बल्कि आत्मघाती धमाके के असर से हुई थी.

बेनज़ीर भुट्टो पर विशेष

ग़ौरतलब है कि बेनज़ीर भुट्टो की 27 दिसंबर को उस समय हत्या कर दी गई जब वो रावलपिंडी में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद अपनी कार की छत खोलकर समर्थकों का अभिभावदन कर रही थीं.

स्कॉटलैंड यार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ़ एक व्यक्ति ने ही बेनज़ीर पर हमला किया था.

'बदला'

पुलिस उपमहानिरीक्षक अब्दुल माजिद ने दावा किया कि संदिग्धों के बयान से जाँच में अहम प्रगति हुई है.

उन्होंने कहा कि दोनों ने बेनज़ीर की हत्या की योजना के बारे में विस्तार से बताया है.

अब्दुल माजिद कहते हैं, "उन्होंने हमलावर को आत्मघाती जैकेट और पिस्तौल देने की बात क़बूल की है. इस मामले में ये बहुत बड़ा सबूत है."

दोनों संदिग्धों ने मजिस्ट्रेट को बताया है कि हमले से एक दिन पहले दो आत्मघाती हलमावर बिलाल और इकरामुल्ला हसनान गुल के घर पर रूके थे.

हसनान गुल ने बताया कि उन्होंने बिलाल और इकरामुल्ला को उस जगह पर पहुँचाया जहाँ बेनज़ीर रैली कर रही थीं.

उसका कहना है, "बिलाल ने ख़ुद गोली चलाई और आत्मघाती धमाका दिया."

पुलिस अधिकारी अब्दुल माजिद के मुताबिक पहले हमले में बेनज़ीर के बच निकलने पर इकरामुल्ला को दूसरा आत्मघाती धमाका करना था.

हसनान गुल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वो बेनज़ीर को मार कर अपने दोस्त की हत्या का बदला लेना चाहता था जो उसके मुताबिक लाल मस्जिद पर हमले में मारा गया था.