मंगलवार, 12 फ़रवरी, 2008 को 09:44 GMT तक के समाचार
श्रीलंका की सेना का कहना है कि सोमवार को देश के उत्तर में हुई एक लड़ाई में उसने 40 से भी ज़्यादा तमिल विद्रोहियों को मार दिया है.
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में दस सैनिकों को भी अपनी जान गँवानी पड़ी.
तमिल विद्रोहियों का संगठन एलटीटीई 1983 से देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में अपने स्वायत्त राज्य की माँग को लेकर हिंसक संघर्ष कर रहा है.
श्रीलंका की इस लड़ाई ने तब ज़ोर पकड़ लिया जब पिछले महीने सरकार ने विद्रोहियों के साथ चल रही युद्धविराम को समाप्त कर दिया.
सोमवार को हुई यह लड़ाई विद्रोहियों के कब्ज़े वाले उत्तरी भाग की सीमा पर हुई.
सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नान्याकारा ने कहा कि श्रीलंकाई सैनिकों की मौत बारूदी सुरंगों के फटने से हुई.
बड़ा नुकसान
उन्होंने कहा कि सेना ने विद्रोहियों को उत्तर-पूर्व में वैली ओया तक खदेड़ दिया था और उनके बंकरों को नष्ट कर 13 तमिल लड़ाकों को मार दिया था.
लेकिन इसके बाद सेना को वापस अपनी पुरानी स्थिति पर लौटना पड़ा. दस सैनिकों की मौत हो गई और 25 सैनिक घायल हो गए.
ऐसा बहुत कम हुआ है कि श्रीलंका की सेना एलटीटीई के साथ लड़ाई में इतना बड़ा नुकसान क़बूल किया हो.
इसके अलावा उत्तर में स्थित तमिल टाइगरों के क्षेत्र के बाहर और जगहों पर भी लड़ाई हुई.
सेना के अनुसार सोमवार को कुल 42 विद्रोहियों मारे गए थे.
एलटीटीई ने इस दावे पर कोई टिप्पणी तो नहीं की लेकिन उन्होंने सिर्फ़ इतना ही कहा कि श्रीलंका की सेना आँकड़े बढ़ा-चढ़ा कर बता रही है.
श्रीलंका की सेना के कमांडर, लेफ़्टिनेंट जनरल सरत फ़ोंसेका ने कहा कि उनकी मंशा इस साल के अंत तक तमिल टाइगरों को परास्त करने की है.
उत्तरी श्रीलंका में हो रही यह लड़ाई उस संघर्ष का हिस्सा है जिसका लक्ष्य उनके आधिपत्य वाले क्षेत्रों को अपने कब्ज़े में करने के लिए विद्रोहियों को कमज़ोर करना है.