रविवार, 10 फ़रवरी, 2008 को 17:06 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है और कहा है कि 10 मार्च को वे सरकार को समर्थन की समीक्षा करेंगी.
पिछले दिनों मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि उनकी जान को ख़तरा है. उन्होंने उस समय कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वह उन तत्त्वों को संरक्षण दे रही है जो उनकी हत्या करना चाहते हैं.
उन्होंने एसपीजी सुरक्षा की भी मांग की थी. लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक उन्हें ये सुरक्षा नहीं दी है. रविवार को भोपाल में 'सर्वसमाज भाईचारा बनाओ महारैली' में केंद्र सरकार पर मायावती का ग़ुस्सा फिर फूटा.
उन्होंने कहा, "ख़ुफ़िया रिपोर्ट के आधार पर मैंने एसपीजी सुरक्षा की मांग की थी. लेकिन अभी तक मुझे ये सुरक्षा नहीं मिली है. मैंने उत्तर प्रदेश के लिए 80 हज़ार करोड़ के विशेष पैकेज की भी मांग की थी. उस पर भी सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है."
समर्थन
केंद्र की सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार को बहुजन समाज पार्टी के 19 सांसद बाहर से समर्थन दे रहे हैं. हालाँकि बसपा के समर्थन वापस ले लेने से भी मनमोहन सिंह की अगुआई वाली केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा है कि अब यह मायावती पर है कि वो समर्थन वापस लेती हैं या नहीं. पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "इस बात का फ़ैसला मायावती को करना है कि वो केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेना चाहती हैं या नहीं. कांग्रेस किसी भी धमकी के आगे झुकने वाली नहीं है."
उन्होंने कहा कि ऐसी बातों से कांग्रेस अपने विकास कार्यों से पीछे नहीं हटेगी.
पिछले साल मई में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद मायावती की भोपाल में पहली रैली थी. उन्होंने रैली में कांग्रेस के साथ-साथ अन्य विरोधियों पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों ने उनके ख़िलाफ़ ग़लत मुक़दमे दर्ज किए. मायावती ने कहा कि पहले भारतीय जनता पार्टी ने ताज कॉरीडोर का मुद्दा उठाया और अब कांग्रेस इस मामले को दोबारा खोलने की कोशिश कर रही है