शनिवार, 09 फ़रवरी, 2008 को 11:26 GMT तक के समाचार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे ने दो दिन तक अपना सुर धीमा रखने के बाद 'मराठी अस्मिता' के मुद्दे को शनिवार को फिर हवा दे दी.
मराठी दैनिक 'महाराष्ट्र टाइम्स' में प्रकाशित विशेष लेख में राज ठाकरे ने उत्तर भारतीयों पर फिर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा, "अगर पूरी दुनिया भी इस मुद्दे पर मेरा विरोध करेगी तब भी मैं और मेरी पार्टी मराठी संस्कृति, मराठियों के लिए संघर्ष करती रहेगी और उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की गुंडागर्दी का ज़ोरदार जवाब देगी."
मैं 'गुंडा' कैसे?
'मेरा नज़रिया, मेरा संघर्ष' शीर्षक से लिखे लेख में राज ठाकरे ने कहा, "इस मोड़ पर मैं महाराष्ट्र के लोगों से पूछना चाहूँगा कि अगर मैं उनकी भावनाओं के अनुरूप आवाज़ उठा रहा हूँ तो वे चुपचाप क्यों बैठे हैं. उन्हें इस संघर्ष में मेरा साथ देना चाहिए."
लेख में उन्होंने पूछा है कि अगर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि मलेशिया में रह रहे तमिलों के मुद्दे उठा सकते हैं तो फिर एमएनएस प्रमुख महाराष्ट्र के लोगों के बारे में क्यों नहीं बोल सकता.
राज ठाकरे ने कहा, "फ़्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान जब प्रधानमंत्री फ़्रांस में सिखों की पगड़ी पर लगी रोक का मसला उठा सकते हैं, मुंबई के हिंदी चैनल महाराष्ट्र के ख़िलाफ़ ज़हर उगल सकते हैं, तो अगर मैं राज्य के आत्मसम्मान की बात करता हूँ तो फिर मुझे 'गुंडा' क्यों कहा जा रहा है."
उल्लेखनीय है कि राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में रह रहे ग़ैर-मराठियों के ख़िलाफ़ पिछले कुछ समय से अभियान चला रखा है.
उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के बाद राज ठाकरे ने अमिताभ को भी लपेटे में लिया था.
पिछले हफ़्ते मुंबई में उन्होंने एक सभा में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के ख़िलाफ़ आग उगली थी. उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के निवासी होने के बावजूद अमिताभ ने राज्य के लिए ख़ास कुछ नहीं किया.
इस विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया था और मुंबई में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई थी.
इससे पहले, राज ठाकरे ने कहा था कि बिहार से आए लोग 'छठ का ड्रामा' करके मुंबई में वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.